XI UNIT-1 INTRODUCTION TO TOURISM (Hindi)

 

1.1 पर्यटन का परिचय (Introduction to Tourism)

पर्यटन का अर्थ अपने घर से बाहर किसी अन्य स्थान की यात्रा करना है, जिसका उद्देश्य मनोरंजन, ज्ञान प्राप्त करना, विश्राम करना या किसी से मिलने जाना हो सकता है।

यह यात्रा एक शहर के भीतर, एक राज्य से दूसरे राज्य में, देश के भीतर या विदेशों तक भी हो सकती है।

ऐसे व्यक्ति को जो इन उद्देश्यों से यात्रा करता है, पर्यटक (Tourist) कहा जाता है।

पर्यटन केवल यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रा के दौरान उपयोग की जाने वाली विभिन्न सेवाओं को भी शामिल करता है।

पर्यटन की मूल अवधारणा (Basic Idea of Tourism)

पर्यटन का मुख्य विचार लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक अस्थायी (Temporary) रूप से जाना है।

यह स्थान परिवर्तन स्थायी (Permanent) नहीं होता।

लोग निम्नलिखित उद्देश्यों से यात्रा कर सकते हैं—

  • अवकाश और मनोरंजन (Holiday and Enjoyment)

  • रिश्तेदारों और मित्रों से मिलने (Visiting Relatives or Friends)

  • धार्मिक उद्देश्यों (Religious Purposes)

  • व्यवसाय या सम्मेलनों (Business or Conferences)

  • शिक्षा या स्वास्थ्य (Education or Health)

एक उद्योग के रूप में पर्यटन (Tourism as an Industry)

पर्यटन को एक उद्योग (Industry) कहा जाता है क्योंकि पर्यटकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अनेक व्यवसाय मिलकर कार्य करते हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • ट्रैवल एजेंट (Travel Agents)

  • टूर गाइड (Tour Guides)

  • परिवहन सेवाएँ (Transport Services)

  • होटल (Hotels)

  • रेस्तराँ (Restaurants)

  • स्मृति-चिह्न विक्रेता (Souvenir Sellers)

  • कार्यक्रम आयोजक (Event Organizers)

  • आकर्षण प्रबंधक (Attraction Managers)

पर्यटन का महत्व (Why Tourism Is Important)

  • पर्यटन अनेक लोगों के लिए रोजगार (Employment) के अवसर पैदा करता है।

  • यह परिवहन, होटल, रेस्तराँ और स्थानीय दुकानों के विकास में सहायता करता है।

  • इससे किसी स्थान या देश की आय (Income) में वृद्धि होती है।

  • यह लोगों को विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं और स्थानों के बारे में जानने का अवसर प्रदान करता है।

  • यह एक साथ अनेक संबंधित उद्योगों (Related Industries) को समर्थन देता है।

पर्यटन का क्षेत्र (Scope of Tourism)

पर्यटन का क्षेत्र बहुत व्यापक (Wide) है क्योंकि यह अनेक क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है।

इसके प्रमुख संबंधित क्षेत्र निम्नलिखित हैं—

  • विमानन (Aviation)

  • आवास व्यवस्था (Accommodation)

  • स्थल परिवहन (Surface Transport)

  • जल परिवहन (Water Transport)

  • दूरसंचार (Telecommunication)

  • आकर्षण प्रबंधन (Attraction Management)

  • यात्रा सुविधादाता (Travel Facilitators)

  • हस्तशिल्प और स्मृति-चिह्न उत्पादन (Handicrafts and Souvenir Production)

पर्यटन की मुख्य विशेषताएँ (Main Features of Tourism)

  • पर्यटन एक निरंतर विकसित और परिवर्तनशील क्षेत्र (Growing and Changing Field) है।

  • यह अनेक सेवाओं को एक ही प्रणाली (System) में जोड़ता है।

  • यह सामाजिक (Social), सांस्कृतिक (Cultural) और आर्थिक (Economic) विकास में योगदान देता है।

  • यह विश्व के सबसे बड़े रोजगार प्रदाताओं (Largest Employers) में से एक है।

1.2 पर्यटन की परिभाषा (Defining Tourism)

पर्यटन का अर्थ लोगों का अपने सामान्य निवास स्थान (Usual Environment) से बाहर किसी अन्य स्थान पर अस्थायी अवधि (Temporary Period) के लिए जाना है।

Tour शब्द लैटिन भाषा के शब्द Tornare / Tornus तथा ग्रीक भाषा के शब्द Tornos से बना है।

इन शब्दों का संबंध वृत्त (Circle) या चक्राकार यात्रा (Round Trip) की अवधारणा से है।

अर्थात, एक टूर (Tour) का मतलब किसी स्थान पर जाकर पुनः अपने प्रारंभिक स्थान पर लौट आना है।

पर्यटक का अर्थ (Meaning of Tourist)

पर्यटक (Tourist) वह व्यक्ति होता है जो अपने घर से दूर यात्रा करता है और बाद में वापस लौट आता है।

यह यात्रा सामान्यतः मनोरंजन (Pleasure), व्यवसाय (Business), अध्ययन (Study), धर्म (Religion) या अन्य अस्थायी उद्देश्यों के लिए होती है।

पर्यटन, प्रवास (Migration) से भिन्न है क्योंकि पर्यटक किसी स्थान पर स्थायी रूप से बसने के लिए नहीं जाते।

पर्यटन की पारंपरिक परिभाषा (Classical Definition of Tourism)

हंज़ीकर और क्रैप्फ (Hunziker and Krapf) ने पर्यटन की एक प्रसिद्ध परिभाषा दी थी।

उनके अनुसार, पर्यटन उन सभी गतिविधियों (Activities) और संबंधों (Relationships) का योग है जो गैर-निवासियों (Non-Residents) की यात्रा और ठहराव के कारण उत्पन्न होते हैं।

यह ठहराव स्थायी निवास (Permanent Residence) में परिवर्तित नहीं होना चाहिए।

साथ ही, इसका संबंध उस स्थान पर आय अर्जित करने (Earning Money) से भी नहीं होना चाहिए।

पर्यटन की आधुनिक परिभाषा (Modern Definition of Tourism)

बाद में, विश्व पर्यटन संगठन (UN-WTO) ने पर्यटन की एक अधिक व्यावहारिक परिभाषा प्रस्तुत की।

इसके अनुसार, पर्यटन में उन सभी गतिविधियों को शामिल किया जाता है जो कोई व्यक्ति अपने सामान्य परिवेश (Usual Environment) से बाहर किसी स्थान की यात्रा के दौरान करता है।

यह ठहराव सीमित समय (Limited Time) के लिए होता है।

यात्रा का मुख्य उद्देश्य उस स्थान से आय अर्जित करना नहीं होता है।

पर्यटन के महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points in Tourism)

  • पर्यटन में लोगों का अपने सामान्य निवास स्थान (Normal Place of Living) से बाहर जाना शामिल होता है।

  • पर्यटन एक अस्थायी अवधि (Temporary Period) के लिए होता है, न कि स्थायी निवास (Permanent Settlement) के लिए।

  • पर्यटन एक आर्थिक गतिविधि (Economic Activity) भी है क्योंकि इससे आय (Income) और रोजगार (Employment) उत्पन्न होते हैं।

  • इसमें घरेलू पर्यटन (Domestic Tourism) और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन (International Tourism) दोनों शामिल होते हैं।

पर्यटन में समय सीमा (Time Limit in Tourism)

सामान्यतः पर्यटन का अर्थ किसी स्थान पर 24 घंटे से अधिक और 1 वर्ष से कम समय तक ठहरना होता है।

यह समय सीमा घरेलू (Domestic) और अंतरराष्ट्रीय (International) दोनों प्रकार की यात्राओं पर लागू होती है।

24 घंटे से कम समय की यात्राओं को अनेक परिभाषाओं में पूर्ण पर्यटन (Full Tourism) नहीं माना जाता है।

1.3 पर्यटन के तत्व (Elements of Tourism)

पर्यटन के कुछ मूलभूत तत्व (Basic Elements) होते हैं, जिनके बिना पर्यटन संभव नहीं हो सकता।

ये तत्व पर्यटन गतिविधियों (Tourism Activities) की आधारशिला (Foundation) का निर्माण करते हैं।

एस. वहाब (S. Wahab) के अनुसार, पर्यटन के तीन मुख्य तत्व हैं—

  • मनुष्य (Man)

  • स्थान (Space)

  • समय (Time)

1. मनुष्य (Man)

मनुष्य (Man) से आशय उस व्यक्ति से है जो यात्रा करता है।

पर्यटक (Tourist) ही वह व्यक्ति होता है जो पर्यटन गतिविधियों का निर्माण करता है।

लोगों के बिना पर्यटन का अस्तित्व (Existence) संभव नहीं है।

2. स्थान (Space)

स्थान (Space) का अर्थ उस भौतिक स्थान (Physical Place) से है जहाँ यात्रा होती है।

इसमें वह स्थान शामिल होता है जहाँ से पर्यटक यात्रा शुरू करता है और वह स्थान भी जहाँ वह भ्रमण के लिए जाता है।

पर्यटन में हमेशा एक स्थान से दूसरे स्थान तक का आवागमन (Movement) आवश्यक होता है।

3. समय (Time)

समय (Time) से तात्पर्य यात्रा और ठहराव की अवधि (Duration of Travel and Stay) से है।

इसमें यात्रा के दौरान तथा गंतव्य स्थल (Destination) पर बिताया गया समय शामिल होता है।

समय का निर्धारण दूरी (Distance), परिवहन (Transport) तथा ठहरने की अवधि (Length of Stay) पर निर्भर करता है।

इन तत्वों का महत्व (Importance of These Elements)

ये तीनों तत्व पर्यटन के लिए अत्यंत आवश्यक (Essential) हैं।

यदि इनमें से कोई एक तत्व अनुपस्थित हो, तो पर्यटन की प्रक्रिया सही ढंग से सम्पन्न नहीं हो सकती।

पर्यटन का निर्माण लोगों (People) के एक निश्चित समय (Certain Period of Time) के लिए एक स्थान (Space) से दूसरे स्थान तक जाने से होता है।

1.4 पर्यटक की पहचान (Identifying the Tourist)

पर्यटन एक सामाजिक-आर्थिक गतिविधि (Socio-Economic Activity) है।

पर्यटन का सही अध्ययन करने के लिए यह जानना आवश्यक है कि पर्यटक (Tourist) कौन होता है।

इससे पर्यटन के लाभ, लोगों की आवाजाही (Movement) तथा उसके प्रभाव (Impact) को समझने में सहायता मिलती है।

पर्यटक का अर्थ (Meaning of Tourist)

पर्यटक (Tourist) वह व्यक्ति होता है जो किसी अन्य स्थान पर अल्प अवधि (Short Time) के लिए यात्रा करता है।

वह वहाँ स्थायी रूप से बसने (Permanent Settlement) के उद्देश्य से नहीं जाता।

यात्रा का मुख्य उद्देश्य उस स्थान से आय अर्जित करना (Earning Money) भी नहीं होता है।

पर्यटक की प्रारंभिक परिभाषा (Early Definition of Tourist)

वर्ष 1936 में, लीग ऑफ नेशन्स (League of Nations) ने कहा कि विदेशी पर्यटक (Foreign Tourist) वह व्यक्ति है जो कम से कम 24 घंटे के लिए किसी अन्य देश की यात्रा करता है।

यह पर्यटक की पहली औपचारिक परिभाषाओं (Formal Definitions) में से एक थी।

संयुक्त राष्ट्र की परिभाषा (United Nations Definition)

वर्ष 1945 में, संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने इस विचार का समर्थन किया।

इसके साथ ही यह भी जोड़ा गया कि पर्यटक का ठहराव (Stay) छह महीने से कम होना चाहिए।

इससे परिभाषा अधिक स्पष्ट (Clear) और व्यावहारिक (Practical) बन गई।

यूएन-डब्ल्यूटीओ की परिभाषा (UN-WTO Definition)

वर्ष 1991 में, विश्व पर्यटन संगठन (UN-WTO) ने एक अधिक विस्तृत परिभाषा प्रस्तुत की।

इसके अनुसार, एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटक (International Tourist) वह आगंतुक (Visitor) है जो—

  • किसी अन्य देश की यात्रा करता है।

  • वहाँ कम से कम एक रात (One Night) ठहरता है।

  • एक वर्ष (One Year) से अधिक नहीं रुकता।

  • उस देश में आय अर्जित (Earn Money) नहीं करता।

अंतरराष्ट्रीय भ्रमणकर्ता (International Excursionist)

UN-WTO ने अंतरराष्ट्रीय भ्रमणकर्ता (International Excursionist) की भी परिभाषा दी है।

यह वह आगंतुक होता है जो किसी देश में 24 घंटे से कम समय के लिए रहता है।

ऐसा व्यक्ति उस देश में रात्रि विश्राम (Overnight Stay) नहीं करता।

उदाहरण—

  • क्रूज़ जहाज़ के यात्री (Cruise Ship Visitors)

  • एक ही दिन में लौटने वाले आगंतुक (Same-Day Visitors)

परिभाषा में शामिल प्रकार (Types Covered in the Definition)

1. पर्यटक (Tourists)

पर्यटक 24 घंटे से लेकर 1 वर्ष तक किसी स्थान पर ठहर सकते हैं।

वे निम्नलिखित उद्देश्यों से यात्रा करते हैं—

  • अवकाश (Leisure)

  • छुट्टियाँ (Holiday)

  • स्वास्थ्य (Health)

  • शिक्षा (Study)

  • धर्म (Religion)

  • खेल (Sport)

  • व्यवसाय (Business)

  • पारिवारिक मुलाकात (Family Visit)

  • बैठकें (Meetings)

  • मिशन (Missions)

2. एक-दिवसीय आगंतुक / भ्रमणकर्ता (Same-Day Visitors / Excursionists)

इनका ठहराव 24 घंटे से कम होता है।

ये रात्रि विश्राम (Overnight Stay) नहीं करते।

ये क्रूज़ जहाज़, बस या छोटी अवधि की यात्रा (Short Visit) के माध्यम से भ्रमण कर सकते हैं।

घरेलू पर्यटक (Domestic Tourist)

घरेलू पर्यटक (Domestic Tourist) वह व्यक्ति होता है जो अपने ही देश के भीतर यात्रा करता है।

वह अपने देश के किसी अन्य स्थान पर एक वर्ष से अधिक समय तक नहीं ठहरता।

यात्रा का उद्देश्य उस स्थान पर आय अर्जित करना भी नहीं होता।

महत्वपूर्ण अपवर्जन (Important Exclusions)

कुछ यात्रियों को पर्यटक (Tourist) की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता।

उदाहरण के लिए—

  • वे हवाई यात्री (Air Passengers) जो केवल ट्रांजिट क्षेत्र (Transit Area) में रहते हैं।

  • वे लोग जो कानूनी रूप से देश में प्रवेश नहीं करते।

  • वे व्यक्ति जो केवल कार्य करके आय अर्जित करने (Work for Income) के उद्देश्य से यात्रा करते हैं।

सरल परिभाषा (Simple Definition)

पर्यटक (Tourist) वह व्यक्ति है जो मनोरंजन (Leisure), व्यवसाय (Business), परिवार से मिलने (Family Visit), शिक्षा (Study) या अन्य गैर-आय अर्जित (Non-Earning) उद्देश्यों के लिए अस्थायी रूप से किसी अन्य स्थान या देश की यात्रा करता है।

1.5 अवकाश, मनोरंजन और पर्यटन के बीच संबंध (Linkage Between Leisure, Recreation and Tourism)

अवकाश (Leisure) का अर्थ खाली समय (Free Time) होता है।

मनोरंजन (Recreation) का अर्थ अवकाश के समय की जाने वाली गतिविधियों (Activities) से है।

पर्यटन (Tourism) का अर्थ अपने सामान्य घर या कार्यस्थल (Workplace) से बाहर किसी स्थान की अल्प अवधि (Short Period) के लिए यात्रा करना है।

अवकाश (Leisure)

अवकाश वह समय होता है जो कार्य (Work), नींद (Sleep) और दैनिक आवश्यकताओं (Basic Needs) को पूरा करने के बाद बचता है।

यह व्यक्ति का स्वतंत्र समय (Free Time) होता है।

इस समय में व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार गतिविधियों का चयन करता है।

मनोरंजन (Recreation)

मनोरंजन (Recreation) वे गतिविधियाँ हैं जो अवकाश के समय की जाती हैं।

इनसे व्यक्ति को ताजगी (Refreshment) और विश्राम (Relaxation) मिलता है।

इसके उदाहरण हैं—

  • पुस्तक पढ़ना (Reading)

  • बागवानी करना (Gardening)

  • टेलीविजन देखना (Watching TV)

  • खेल खेलना (Playing Games)

  • सामाजिक मेल-जोल (Socializing)

पर्यटन (Tourism)

पर्यटन (Tourism) किसी अन्य स्थान पर अस्थायी रूप से जाने की प्रक्रिया है।

इसमें यात्रा (Travel), ठहराव (Stay) तथा गंतव्य स्थल (Destination) पर की जाने वाली गतिविधियाँ शामिल होती हैं।

पर्यटन एक शहर के भीतर, देश के भीतर या अंतरराष्ट्रीय स्तर (International Level) पर भी हो सकता है।

इनके बीच संबंध (Relationship Between Them)

अवकाश (Leisure) मनोरंजन (Recreation) के लिए समय प्रदान करता है।

मनोरंजन (Recreation) अवकाश के दौरान की जाने वाली गतिविधियाँ उपलब्ध कराता है।

पर्यटन (Tourism), मनोरंजन का एक रूप है, लेकिन प्रत्येक मनोरंजन गतिविधि पर्यटन नहीं होती।

जब लोग अपने अवकाश के समय का उपयोग यात्रा (Travel) के लिए करते हैं, तब पर्यटन संभव होता है।

उदाहरण (Examples)

  • घर पर पुस्तक पढ़ना अवकाश-आधारित मनोरंजन (Leisure-Based Recreation) है।

  • किसी स्थानीय रेस्तराँ (Local Restaurant) में जाना स्थानीय मनोरंजन (Local Recreation) है।

  • किसी निकटवर्ती स्मारक (Nearby Monument) की एक-दिवसीय यात्रा पर्यटन-संबंधी मनोरंजन (Tourism-Related Recreation) है।

  • छुट्टियों के लिए किसी अन्य राज्य या देश की यात्रा करना पर्यटन (Tourism) कहलाता है।

  • व्यावसायिक यात्रा (Business Travel) भी पर्यटन का एक रूप है, भले ही वह अवकाश (Leisure) के लिए न हो।

मनोरंजन निरंतरता (Recreation Continuum)

मनोरंजन गतिविधियों को सरल से लेकर अधिक यात्रा-आधारित रूपों में निम्न प्रकार से समझा जा सकता है—

  1. घर-आधारित गतिविधियाँ (Home-Based Activities)

  2. स्थानीय गतिविधियाँ (Local Activities)

  3. एक-दिवसीय यात्राएँ (Day Trips)

  4. पर्यटन यात्राएँ (Tourism Trips)

  5. व्यावसायिक यात्राएँ (Business Travel)

इस संबंध का महत्व (Importance of This Link)

  • यह संबंध पर्यटकों के व्यवहार (Tourist Behaviour) को समझने में सहायता करता है।

  • इससे यह पता चलता है कि कौन-सी गतिविधियाँ पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं।

  • यह पर्यटन उत्पादों (Tourism Products) और गंतव्यों (Destinations) की योजना बनाने में सहायक होता है।

  • इससे पर्यटन प्रबंधकों (Tourism Managers) को पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएँ विकसित करने में मदद मिलती है।

अभ्यास-2 के उत्तर (Exercise-2 Answers)

1. उस यात्रा की पहचान कीजिए जिसमें आप एक-दिवसीय आगंतुक (Same-Day Visitor) या पर्यटक (Tourist) थे।

मैं एक एक-दिवसीय आगंतुक (Same-Day Visitor) तब था/थी, जब मैंने किसी स्थान की यात्रा की और उसी दिन बिना रात्रि विश्राम (Overnight Stay) के वापस घर लौट आया/आई।

मैं एक पर्यटक (Tourist) तब था/थी, जब मैंने किसी स्थान की यात्रा की और वहाँ कम से कम एक रात ठहराव (Stay) किया।

2. अवकाश (Leisure) और पर्यटन (Tourism) के बीच क्या संबंध है?

अवकाश (Leisure) का अर्थ कार्य और दैनिक जिम्मेदारियों के बाद मिलने वाला खाली समय (Free Time) है।

पर्यटन (Tourism) सामान्यतः इसी अवकाश के समय में किया जाता है।

लोग अपने अवकाश का उपयोग यात्रा, मनोरंजन और विश्राम (Relaxation) के लिए करते हैं।

इस प्रकार, अवकाश (Leisure) समय प्रदान करता है, जबकि पर्यटन (Tourism) यात्रा की गतिविधि प्रदान करता है।

1.6 पर्यटन उद्योग की विशेषताएँ (Characteristics of Tourism Industry)

पर्यटन उद्योग (Tourism Industry) मुख्य रूप से एक सेवा उद्योग (Service Industry) है।

यह उपभोक्ता वस्तुओं (Consumer Goods) से भिन्न होता है क्योंकि पर्यटन सेवाओं को भौतिक उत्पादों (Physical Products) की तरह देखा, छुआ या संग्रहित (Stored) नहीं किया जा सकता।

पर्यटन उद्योग में सेवाओं की कुछ मूलभूत विशेषताएँ (Basic Service Characteristics) तथा कुछ विशिष्ट गुण (Special Features) होते हैं।

1. अमूर्तता (Intangibility)

पर्यटन सेवाओं (Tourism Services) को खरीदने से पहले देखा, छुआ या परखा नहीं जा सकता।

पर्यटक (Tourist) केवल सेवा खरीदने और उसका उपयोग करने के बाद ही उसका अनुभव कर सकता है।

उदाहरण के लिए, होटल का कमरा (Hotel Room), विमान सेवा (Airline Service) या टूर पैकेज (Tour Package) का मूल्यांकन केवल उपयोग के बाद ही किया जा सकता है।

इसी कारण पर्यटन को एक अमूर्त उत्पाद (Intangible Product) माना जाता है।

2. नश्वरता (Perishability)

पर्यटन उत्पादों (Tourism Products) को भविष्य के लिए संग्रहित नहीं किया जा सकता।

यदि किसी होटल का कमरा या विमान की सीट आज नहीं बिकती, तो वह हानि स्थायी (Permanent Loss) हो जाती है।

खाली कमरा या बिना बिकी सीट को अगले दिन के लिए सुरक्षित नहीं रखा जा सकता।

इसलिए पर्यटन उत्पाद नश्वर (Perishable) होते हैं।

3. अविभाज्यता (Inseparability)

पर्यटन में उत्पादन (Production) और उपभोग (Consumption) एक ही समय पर होते हैं।

सेवा प्रदाता (Service Provider) और पर्यटक (Tourist) दोनों अनुभव का हिस्सा होते हैं।

उदाहरण के लिए, किसी पर्यटक को ताजमहल (Taj Mahal) देखने, वाहन में यात्रा करने या होटल में ठहरने पर ही सेवा का अनुभव प्राप्त होता है।

इस प्रकार, पर्यटन सेवाओं को उनकी आपूर्ति (Delivery) से अलग नहीं किया जा सकता।

4. विविधता / परिवर्तनशीलता (Heterogeneity / Variability)

पर्यटन सेवाएँ एक सेवा प्रदाता से दूसरे सेवा प्रदाता के अनुसार भिन्न होती हैं।

सेवा की गुणवत्ता (Quality of Service) इस बात पर निर्भर करती है कि सेवा कौन, कब और किस प्रकार प्रदान कर रहा है।

कोई भी दो कर्मचारी हर बार बिल्कुल एक जैसी सेवा प्रदान नहीं कर सकते।

मानवीय तत्व (Human Element) के कारण पर्यटन सेवाएँ परिवर्तनशील (Variable) होती हैं।

5. स्वामित्व का अभाव (Lack of Ownership)

पर्यटन केवल सेवा का अनुभव (Experience) प्रदान करता है, उसका स्वामित्व (Ownership) नहीं।

पर्यटक होटल के कमरे, रेस्तराँ के भोजन या यात्रा सेवाओं का आनंद ले सकता है, लेकिन उनका मालिक नहीं बनता।

सेवा के उपयोग के बाद पर्यटक के पास कोई भौतिक वस्तु (Physical Object) नहीं रहती।

इसे स्वामित्व का अभाव (Lack of Ownership) कहा जाता है।

पर्यटन उद्योग की अन्य विशेषताएँ (Other Characteristics of Tourism Industry)

1. मौसमी प्रकृति (Seasonality)

पर्यटन पूरे वर्ष समान रूप से लोकप्रिय नहीं रहता।

कुछ महीने अधिक व्यस्त होते हैं, जिन्हें उच्च पर्यटन मौसम (Peak Season) कहा जाता है।

कुछ महीने कम व्यस्त होते हैं, जिन्हें मंद पर्यटन मौसम (Lean Season) कहा जाता है।

उदाहरण के लिए, भारत के अनेक पर्यटन स्थलों पर गर्मियों की तुलना में सर्दियों में अधिक पर्यटक आते हैं।

2. मांग में उतार-चढ़ाव (Demand Fluctuations)

पर्यटकों की मांग (Tourist Demand) समय, पसंद, फैशन और बाजार की प्रवृत्तियों (Market Trends) के अनुसार बदलती रहती है।

यदि कोई बेहतर या सस्ता विकल्प उपलब्ध हो जाए, तो किसी गंतव्य (Destination) की लोकप्रियता कम हो सकती है।

नए पर्यटन स्थल भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं और मांग के स्वरूप (Demand Patterns) को बदल देते हैं।

इसलिए पर्यटन की मांग हमेशा परिवर्तनशील रहती है।

3. पर्यटन उत्पादों की पारस्परिक निर्भरता (Interdependence of Tourism Products)

पर्यटन अनेक सेवाओं के आपसी सहयोग (Cooperation) पर निर्भर करता है।

इनमें शामिल हैं—

  • परिवहन (Transport)

  • आवास (Accommodation)

  • भोजन (Food)

  • आकर्षण स्थल (Attractions)

  • खरीदारी (Shopping)

  • पर्यटक मार्गदर्शक (Guides)

यदि इनमें से कोई एक भाग प्रभावित होता है, तो पूरे पर्यटन अनुभव (Tourist Experience) पर उसका प्रभाव पड़ता है।

यह दर्शाता है कि पर्यटन उत्पाद एक-दूसरे पर निर्भर (Interdependent) होते हैं।

4. जोखिमपूर्ण प्रकृति (Risky Nature)

पर्यटन उद्योग एक जोखिमपूर्ण उद्योग (Risky Industry) माना जाता है क्योंकि अनेक कारक (Factors) इसे प्रभावित कर सकते हैं।

ये जोखिम आर्थिक (Economic), राजनीतिक (Political), स्वास्थ्य संबंधी (Health-Related) या सुरक्षा संबंधी (Security-Related) हो सकते हैं।

उदाहरण के लिए, महामारी (Disease Outbreaks), आतंकवाद (Terrorism) या राजनीतिक अस्थिरता (Political Unrest) के कारण पर्यटकों की संख्या में कमी आ सकती है।

इन्हीं कारणों से पर्यटन व्यवसाय को जोखिमपूर्ण माना जाता है।

1.7 पर्यटन के घटक (Components of Tourism)

पर्यटन के घटक (Components of Tourism) वे मुख्य भाग हैं जो पर्यटन गतिविधियों (Tourism Activities) को संभव बनाते हैं।

इन घटकों के बिना पर्यटन का सुचारु संचालन संभव नहीं है।

इन्हें पर्यटन के A’s of Tourism भी कहा जाता है।

1. आकर्षण (Attraction)

आकर्षण (Attraction) से तात्पर्य उन विशेषताओं से है जो पर्यटकों को किसी स्थान की ओर आकर्षित करती हैं।

किसी गंतव्य (Destination) की लोकप्रियता उसके प्राकृतिक (Natural), सांस्कृतिक (Cultural), ऐतिहासिक (Historical) या मानव-निर्मित (Man-Made) आकर्षणों पर निर्भर करती है।

विभिन्न पर्यटकों की रुचियाँ भी अलग-अलग होती हैं।

उदाहरण—

  • ऐतिहासिक स्मारक (Historical Monuments)

  • प्राकृतिक सौंदर्य (Natural Beauty)

  • समुद्र तट (Beaches)

  • मंदिर (Temples)

  • उद्यान (Parks)

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम (Cultural Events)

2. पहुँच (Accessibility)

पहुँच (Accessibility) का अर्थ है कि पर्यटक किसी गंतव्य तक किस प्रकार पहुँचते हैं।

कोई स्थान कितना भी सुंदर क्यों न हो, यदि वहाँ पहुँचना कठिन है, तो पर्यटक वहाँ कम जा सकते हैं।

इसमें परिवहन सुविधाएँ (Transport Facilities) शामिल होती हैं, जैसे—

  • सड़क मार्ग (Road)

  • रेल मार्ग (Rail)

  • वायु मार्ग (Air)

  • जल मार्ग (Water)

अच्छी परिवहन व्यवस्था पर्यटन को सरल और अधिक लोकप्रिय बनाती है।

3. आवास (Accommodation)

आवास (Accommodation) का अर्थ उन स्थानों से है जहाँ पर्यटक ठहरते हैं।

इसमें भोजन और ठहरने की व्यवस्था (Boarding and Lodging) शामिल होती है।

पर्यटकों को घर से दूर सुरक्षित (Safe) और आरामदायक (Comfortable) स्थान की आवश्यकता होती है।

उदाहरण—

  • होटल (Hotels)

  • रिसॉर्ट (Resorts)

  • अतिथि गृह (Guest Houses)

  • लॉज (Lodges)

  • होमस्टे (Homestays)

कभी-कभी आवास स्वयं भी एक पर्यटन आकर्षण (Tourist Attraction) बन जाता है, जैसे विशेष प्रकार के रिसॉर्ट।

4. सुविधाएँ (Amenities)

सुविधाएँ (Amenities) वे मूलभूत सेवाएँ हैं जो पर्यटकों को प्रदान की जाती हैं।

ये यात्रा को आरामदायक और सुविधाजनक बनाती हैं।

उदाहरण—

  • शौचालय और स्वच्छता सुविधाएँ (Toilets and Sanitation)

  • स्वच्छ पेयजल (Clean Drinking Water)

  • चिकित्सा सहायता (Medical Help)

  • मुद्रा विनिमय (Currency Exchange)

  • यात्रा दस्तावेज़ (Travel Documents)

  • मनोरंजन सुविधाएँ (Recreation Facilities)

अच्छी सुविधाएँ पर्यटकों के अनुभव (Tourist Experience) को बेहतर बनाती हैं।

5. गतिविधियाँ (Activities)

गतिविधियाँ (Activities) वे कार्य हैं जो पर्यटक गंतव्य स्थल पर करते हैं।

ये यात्रा को अधिक रोचक और आनंददायक बनाती हैं।

उदाहरण—

  • दर्शनीय स्थल भ्रमण (Sightseeing)

  • खरीदारी (Shopping)

  • तैराकी (Swimming)

  • साहसिक खेल (Adventure Sports)

  • गोल्फ खेलना (Golfing)

  • धूप सेंकना (Sunbathing)

अधिक गतिविधियाँ अधिक पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

6. उपलब्ध पैकेज (Available Packages)

उपलब्ध पैकेज (Available Packages) वे टूर पैकेज हैं जो पर्यटकों के लिए तैयार किए जाते हैं।

पर्यटक अपने समय (Time), बजट (Budget) और रुचि (Interest) के अनुसार इनका चयन करते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति के पास केवल तीन दिन का अवकाश है, तो वह छोटा टूर पैकेज (Short Package) चुन सकता है।

अच्छे पैकेज पर्यटकों को अपनी यात्रा की योजना आसानी से बनाने में सहायता करते हैं।

इन घटकों का महत्व (Importance of These Components)

पर्यटन की सफलता के लिए सभी घटक मिलकर कार्य करते हैं।

यदि इनमें से कोई एक घटक कमजोर हो, तो पर्यटकों का अनुभव प्रभावित हो सकता है।

किसी गंतव्य के विकास के लिए आकर्षण (Attraction), पहुँच (Accessibility), आवास (Accommodation), सुविधाएँ (Amenities), गतिविधियाँ (Activities) और उपलब्ध पैकेज (Available Packages) सभी आवश्यक हैं।

अभ्यास-3 (Exercise-3)

1. सेवा की विशेषताओं (Service Characteristics) से आप क्या समझते हैं?

सेवा की विशेषताएँ (Service Characteristics) वे मूलभूत गुण हैं जो सेवाओं को वस्तुओं (Goods) से अलग बनाते हैं।

  • सेवाएँ अमूर्त (Intangible) होती हैं, इसलिए उन्हें उपयोग से पहले देखा या छुआ नहीं जा सकता।

  • सेवाएँ नश्वर (Perishable) होती हैं, इसलिए उन्हें भविष्य के लिए संग्रहित नहीं किया जा सकता।

  • सेवाएँ अविभाज्य (Inseparable) होती हैं, क्योंकि उनका उत्पादन और उपभोग एक ही समय पर होता है।

  • सेवाएँ परिवर्तनशील (Variable) होती हैं, इसलिए उनकी गुणवत्ता विभिन्न सेवा प्रदाताओं के अनुसार बदल सकती है।

  • सेवाओं में स्वामित्व का अभाव (Lack of Ownership) होता है, क्योंकि ग्राहक केवल उनका उपयोग करता है, उनका मालिक नहीं बनता।

2. पर्यटन के A’s (A’s of Tourism) से क्या अभिप्राय है?

A’s of Tourism पर्यटन के मुख्य घटकों को दर्शाते हैं।

  • आकर्षण (Attraction): वे विशेषताएँ जो पर्यटकों को किसी स्थान की ओर आकर्षित करती हैं।

  • पहुँच (Accessibility): वे परिवहन सुविधाएँ जिनसे पर्यटक गंतव्य तक पहुँचते हैं।

  • आवास (Accommodation): वे स्थान जहाँ पर्यटक ठहरते हैं।

  • सुविधाएँ (Amenities): पर्यटकों की सुविधा और आराम के लिए उपलब्ध सेवाएँ।

  • गतिविधियाँ (Activities): वे कार्य जो पर्यटक गंतव्य पर करते हैं।

  • उपलब्ध पैकेज (Available Packages): पर्यटकों के लिए तैयार किए गए विभिन्न टूर पैकेज।

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