XI UNIT-3 CONCEPTS OF TOURISM (HINDI)

 

1. पर्यटन प्रणाली क्या है?

किसी भी मशीन या गतिविधि की तरह, पर्यटन भी एक संरचित प्रणाली और एक निश्चित प्रक्रिया के माध्यम से संचालित होता है।

  • मुख्य उद्देश्य: पर्यटन प्रणाली का अध्ययन यह समझने के लिए किया जाता है कि पर्यटन का “क्या” और “कैसे” क्या है। इसमें गंतव्य, पर्यटक और उनकी गतिविधियाँ एक-दूसरे के साथ मिलकर कार्य करती हैं।
  • गंतव्य (Destination): वह स्थान जिसे पर्यटक वहाँ के आकर्षणों के कारण घूमने के लिए चुनता है।
    • UNWTO की परिभाषा: मुख्य गंतव्य (Main Destination) वह स्थान है जहाँ पर्यटक जाता है और जो यात्रा करने के निर्णय का मुख्य आधार होता है।
  • पर्यटन संबंधी गतिविधियाँ (Touristic Activities): वे गतिविधियाँ जिनमें पर्यटक गंतव्य पर भाग लेते हैं, जैसे—ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण, थीम पार्क जाना आदि।
  • पर्यावरण (Environment): पर्यटन गतिविधियाँ किसी अलग वातावरण में नहीं होती हैं। वे लगातार बाहरी पर्यावरण से प्रभावित होती हैं, जिसमें राजनीतिक निर्णय, सामाजिक-सांस्कृतिक परिस्थितियाँ और तकनीकी परिवर्तन शामिल हैं।

2. लीपर का पर्यटन प्रणाली मॉडल (1990)

वर्ष 1990 में विद्वान लीपर (Leiper) ने पर्यटन के एक पूर्व मॉडल को अपडेट किया, जिससे पर्यटन के अध्ययन के तरीके में बदलाव आया। लीपर के मॉडल में पर्यटन प्रणाली को तीन मूल तत्वों में बाँटा गया है:

A. पर्यटक (The Tourist)

  • वह व्यक्ति जो पर्यटन में सक्रिय रूप से भाग लेता है।
  • लीपर के मॉडल के आरेख में पर्यटक को Traveller (यात्री) कहा गया है।

B. भौगोलिक तत्व (Geographical Elements)

यात्रा को तीन अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में बाँटा गया है:

1. Traveller Generating Region (TGR) – यात्री उत्पन्न क्षेत्र

यह वह घरेलू/निवास क्षेत्र है जहाँ से पर्यटक अपनी यात्रा शुरू करता है, अपने भ्रमण की योजना बनाता है और प्रस्थान करता है।

2. Tourist Destination Region (TDR) – पर्यटक गंतव्य क्षेत्र

यह वह चयनित क्षेत्र या स्थान है जहाँ पर्यटक जाने का निर्णय लेता है।

3. Transit Route Region – पारगमन मार्ग क्षेत्र

यह वह क्षेत्र या मार्ग है जिसके माध्यम से यात्री अपने घर अर्थात् उत्पन्न क्षेत्र से गंतव्य तक पहुँचने के लिए यात्रा करता है।

  • इसमें वास्तविक यात्रा की अवधि तथा रास्ते में आने वाले वे स्थान भी शामिल हो सकते हैं जहाँ पर्यटक रुकता है।
  • लीपर की मुख्य अवधारणा: यह वह अंतराल है जहाँ यात्री महसूस करता है कि वह “अपने घर/उत्पन्न क्षेत्र से निकल चुका है, लेकिन अभी उस स्थान पर नहीं पहुँचा है जहाँ उसने जाने का निर्णय लिया है।”

C. पर्यटन उद्योग (The Tourism Industry)

यह उन सभी व्यवसायों और संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है जो पर्यटन उत्पाद उपलब्ध कराने में शामिल होते हैं। लीपर का मॉडल यह बताने में सहायता करता है कि ये व्यवसाय कहाँ-कहाँ कार्य करते हैं:

  • Transit Zone (पारगमन क्षेत्र) में: यहाँ के व्यवसाय यात्रा सुविधाकर्ता (Travel Facilitators) के रूप में कार्य करते हैं, जैसे—परिवहन सेवाएँ।
  • Generating और Destination Regions में: यहाँ व्यवसाय मुख्य रूप से विपणन (Marketing) और प्रचार (Promotion) के उद्देश्य से कार्य करते हैं।

3. “Push-Pull” कारक

पर्यटन प्रणाली को प्रेरक शक्तियाँ (Motivating Forces) संचालित करती हैं। किसी भी पर्यटन गतिविधि के होने के लिए Push और Pull Factors को एक साथ और एक-दूसरे के अनुरूप कार्य करना आवश्यक है।

कारक का प्रकारकहाँ होता हैक्या करता हैविवरण
Push Factors (पुश कारक)Traveller Generating Region (घर/उत्पन्न क्षेत्र)पर्यटक को जाने के लिए प्रेरित करता है।घर/उत्पन्न क्षेत्र में मौजूद वे कारक जो पर्यटक को यात्रा पर जाने की इच्छा उत्पन्न करते हैं।
Pull Factors (पुल कारक)Tourist Destination Region (गंतव्य क्षेत्र)पर्यटक को आकर्षित करता है।गंतव्य पर मौजूद वे आकर्षण जो पर्यटक को वहाँ आने के लिए आकर्षित करते हैं।

4. यह मॉडल क्यों महत्वपूर्ण है?

  • प्रेरक कारकों की पहचान: यह पर्यटन योजनाकारों को यात्रा को प्रेरित करने वाले विशिष्ट “Push” और “Pull” Factors की पहचान करने में सहायता करता है।
  • सफल पुनरावृत्ति (Successful Replication): इन कारकों की पहचान हो जाने के बाद, उनका सफलतापूर्वक उपयोग करके नए पर्यटन उत्पन्न करने वाले क्षेत्रों और नए पर्यटन गंतव्य क्षेत्रों का विकास किया जा सकता है।

पर्यटन प्रेरक (Tourism Motivators)

लीपर की पर्यटन प्रणाली (Tourism System) पर हमारे पिछले नोट्स के आधार पर, याद रखें कि Traveller Generating Region में “Push Factors” किसी व्यक्ति को यात्रा करने के लिए प्रेरित करते हैं।

ये Push Factors सीधे तौर पर Tourism Motivators (पर्यटन प्रेरकों) से जुड़े होते हैं। शोधकर्ताओं McIntosh, Goeldner और Ritchie के अनुसार, Motivation (प्रेरणा) को “व्यक्तियों के भीतर मौजूद वह प्रेरक शक्ति जो उन्हें किसी कार्य के लिए प्रेरित करती है” के रूप में परिभाषित किया गया है।

उन्होंने पर्यटन प्रेरणाओं को चार मुख्य समूहों में वर्गीकृत किया है:


1. शारीरिक प्रेरक (Physical Motivators)

  • ये क्या हैं: ऐसे प्रेरक जो शरीर और मन को तरोताजा करने, स्वास्थ्य संबंधी उद्देश्यों, खेल और आनंद से संबंधित होते हैं।

  • मुख्य उद्देश्य: तनाव को कम करना (Reduce Tension)

  • विद्यार्थी उदाहरण: कोई पर्यटक तनाव कम करने के लिए पहाड़ों में स्थित योग रिट्रीट (Yoga Retreat) की यात्रा करता है, या आराम करने और तैराकी के लिए किसी बीच रिसॉर्ट में जाता है। ये प्रेरक लोगों को ऐसे गंतव्यों की ओर “Push” करते हैं जहाँ वे शारीरिक गतिविधियों में भाग ले सकें।


2. सांस्कृतिक प्रेरक (Cultural Motivators)

  • ये क्या हैं: अन्य संस्कृतियों को देखने, सीखने और उनके बारे में अधिक जानने की तीव्र इच्छा से प्रेरित होते हैं।

  • पर्यटक क्या जानना चाहते हैं:

    • स्थानीय लोगों की जीवनशैली

    • स्थानीय संगीत, कला, नृत्य और लोककथाएँ

  • विद्यार्थी उदाहरण: कोई व्यक्ति ऐतिहासिक स्मारकों को देखने के लिए रोम (Rome) की यात्रा करता है, या शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम अथवा पारंपरिक नृत्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वियना (Vienna) जाता है।


3. पारस्परिक प्रेरक (Interpersonal Motivators)

  • ये क्या हैं: नए लोगों से मिलने, मित्रों या रिश्तेदारों से मिलने (VFR – Visiting Friends and Relatives) तथा नए और अलग अनुभव प्राप्त करने की इच्छा से प्रेरित होते हैं।

  • मुख्य उद्देश्य: घर या कार्यस्थल पर मौजूद नियमित संबंधों और दिनचर्या से कुछ समय के लिए दूर जाना, या आध्यात्मिक कारणों से यात्रा करना।

  • विद्यार्थी उदाहरण:

    • स्थानीय जीवनशैली का अनुभव करने और नई मित्रताएँ बनाने के लिए किसी नए देश में Homestay बुक करना।

    • किसी मित्र या रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए विशेष रूप से किसी दूसरे शहर की यात्रा करना।


4. स्थिति और प्रतिष्ठा की प्रेरणाएँ (Status and Prestige Motivations)

  • ये क्या हैं: व्यक्तिगत विकास, शिक्षा तथा दूसरों से मिलने वाली पहचान और ध्यान के माध्यम से अपने व्यक्तिगत अहं (Personal Ego) को बढ़ाने की इच्छा से प्रेरित होती हैं।

  • इनमें शामिल हैं:

    • अपनी शिक्षा को जारी रखना

    • किसी विशेष शौक को गहराई से सीखना या उसमें विशेषज्ञता प्राप्त करना

  • विद्यार्थी उदाहरण: कोई विद्यार्थी नया कौशल सीखने और अपने साथियों के बीच पहचान प्राप्त करने के लिए किसी प्रतिष्ठित Academic Summer School या International Conference में भाग लेने के लिए यात्रा करता है।

3.4 पर्यटन की बाधाएँ (Barriers to Tourism) — 

पर्यटन की बाधाओं का अर्थ

पर्यटन की बाधाएँ वे कारक या परिस्थितियाँ हैं जो लोगों को यात्रा करने या पर्यटन गतिविधियों में भाग लेने से रोकती या हतोत्साहित करती हैं।

सरल शब्दों में:

Motivators लोगों को यात्रा करने के लिए प्रेरित करते हैं, जबकि Barriers लोगों को यात्रा करने से रोकते या हतोत्साहित करते हैं।

पर्यटन की बाधाएँ दो प्रकार की हो सकती हैं:

  • आंतरिक (Internal): व्यक्ति से संबंधित

  • बाहरी (External): वातावरण, गंतव्य या सरकार से संबंधित


पर्यटन की 10 प्रमुख बाधाएँ

क्र.Barrierहिंदी अर्थसरल व्याख्या
1Lack of Leisure Timeखाली समय की कमीनौकरी, व्यवसाय, पढ़ाई या पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण लोगों को यात्रा के लिए समय नहीं मिलता।
2Economic Factorआर्थिक कारकपर्यटन के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है। कम आय होने पर लोग यात्रा नहीं कर पाते।
3Physical Limitationsशारीरिक सीमाएँबीमारी, विकलांगता, वृद्धावस्था, गर्भावस्था या कमजोर स्वास्थ्य यात्रा में बाधा बन सकते हैं।
4Space/Distanceदूरी/स्थानबहुत दूर स्थित या खराब कनेक्टिविटी वाले स्थान पर जाना पर्यटकों को हतोत्साहित कर सकता है।
5Family Stageपारिवारिक स्थितिछोटे बच्चों, बुजुर्गों या पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण लोग यात्रा नहीं कर पाते।
6Safety and Securityसुरक्षायुद्ध, आतंकवाद, अपराध, राजनीतिक अशांति और स्वास्थ्य संबंधी खतरे यात्रा को प्रभावित करते हैं।
7Infrastructureआधारभूत संरचनाखराब सड़क, परिवहन, स्वच्छता, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं की कमी पर्यटन को रोक सकती है।
8Political Factorsराजनीतिक कारकवीजा प्रतिबंध, अधिक कर, कस्टम की कठिनाइयाँ और सरकारी नियम बाधा बन सकते हैं।
9Communication & Technologyसंचार एवं तकनीकपर्यटन की जानकारी और प्रचार की कमी तथा भाषा की समस्या पर्यटकों को प्रभावित कर सकती है।
10Lack of Interestरुचि की कमीयदि पर्यटक किसी स्थान के बारे में नहीं जानते या उसमें रुचि नहीं रखते, तो वे वहाँ नहीं जाते।

1. खाली समय की कमी (Lack of Leisure Time)

लोगों के पास यात्रा के लिए पर्याप्त समय नहीं होता क्योंकि वे:

  • नौकरी या व्यवसाय में व्यस्त होते हैं।

  • पढ़ाई में व्यस्त होते हैं।

  • परिवार की जिम्मेदारियाँ निभाते हैं।

  • अन्य व्यक्तिगत कार्यों में व्यस्त रहते हैं।

उदाहरण: किसी कर्मचारी को काम से लंबी छुट्टी न मिलने के कारण वह यात्रा नहीं कर पाता।


2. आर्थिक कारक (Economic Factor)

पर्यटन एक मनोरंजन एवं अवकाश की गतिविधि है, इसलिए इसके लिए आवश्यक खर्च करने के बाद बची हुई आय महत्वपूर्ण होती है।

Discretionary Income (विवेकाधीन आय) = आवश्यक खर्च और कर आदि चुकाने के बाद बची हुई आय।

यदि किसी व्यक्ति की विवेकाधीन आय कम हो जाती है, तो उसकी पर्यटन की मांग भी कम हो सकती है।


3. शारीरिक सीमाएँ (Physical Limitations)

कुछ लोगों के लिए स्वास्थ्य या शारीरिक स्थिति यात्रा में बाधा बन सकती है।

मुख्य कारण:

  • विकलांगता

  • वृद्धावस्था

  • खराब स्वास्थ्य

  • कमजोर शारीरिक क्षमता

  • गर्भावस्था

उचित Accessibility और सुविधाएँ उपलब्ध कराकर इस बाधा को कम किया जा सकता है।


4. दूरी/स्थान (Space/Distance)

किसी पर्यटन स्थल की दूरी और कनेक्टिविटी पर्यटक की यात्रा के निर्णय को प्रभावित करती है।

यदि कोई स्थान बहुत दूर है और वहाँ पहुँचने के लिए उचित परिवहन सुविधा नहीं है, तो पर्यटक किसी नजदीकी एवं आसानी से पहुँचने वाले स्थान को चुन सकता है।


5. पारिवारिक स्थिति (Family Stage)

परिवार की जिम्मेदारियाँ पर्यटन को प्रभावित कर सकती हैं।

उदाहरण:

  • छोटे बच्चों के माता-पिता लंबी यात्रा से बच सकते हैं।

  • बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करने वाले लोग कम यात्रा कर सकते हैं।

  • किशोरों की यात्रा उनके माता-पिता के निर्णय पर निर्भर हो सकती है।

  • अकेले रहने वाले लोग कभी-कभी यात्रा साथी न होने के कारण यात्रा नहीं करते।


6. सुरक्षा एवं संरक्षा (Safety and Security)

पर्यटक ऐसे स्थानों पर जाना पसंद करते हैं जहाँ वे सुरक्षित महसूस करें।

सुरक्षा से संबंधित बाधाएँ:

  • युद्ध

  • आतंकवाद

  • राजनीतिक अशांति

  • अपराध

  • स्वास्थ्य संबंधी खतरे

  • नकारात्मक प्रचार

  • सरकारी यात्रा सलाह

उदाहरण: SARS और Swine Flu जैसी बीमारियों के प्रकोप ने वैश्विक पर्यटन को प्रभावित किया।


7. आधारभूत संरचना (Infrastructure)

पर्यटन के विकास के लिए अच्छी आधारभूत संरचना आवश्यक है।

इसमें शामिल हैं:

  • अच्छी सड़कें

  • स्थानीय परिवहन

  • स्वच्छ वातावरण

  • पेयजल

  • बिजली

  • स्वच्छता

  • अच्छी स्थिति में स्मारक एवं भवन

  • पर्याप्त पर्यटक सुविधाएँ

खराब Infrastructure → कम सुविधा → पर्यटक असंतुष्ट → पर्यटन में कमी


8. राजनीतिक कारक (Political Factors)

सरकार की कुछ नीतियाँ भी पर्यटन में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं।

उदाहरण:

  • अधिक कर

  • वीजा प्रतिबंध

  • कस्टम और इमिग्रेशन में कठिनाई

  • Charter Flights पर प्रतिबंध

  • जटिल सरकारी नियम


9. संचार एवं तकनीक (Communication & Technology)

तकनीक पर्यटकों को पर्यटन स्थलों की जानकारी प्राप्त करने में मदद करती है। लेकिन यदि किसी गंतव्य का प्रचार और मार्केटिंग कम हो, तो पर्यटकों को उसके बारे में जानकारी नहीं मिल पाती।

भाषा भी एक बड़ी बाधा हो सकती है, जब पर्यटक स्थानीय लोगों या पर्यटन सेवा प्रदाताओं से आसानी से संवाद नहीं कर पाता।


10. रुचि की कमी (Lack of Interest)

कभी-कभी पर्यटक किसी पर्यटन स्थल में रुचि नहीं रखते।

इसके कारण:

  • उन्हें गंतव्य के बारे में जानकारी नहीं होती।

  • गंतव्य का उचित प्रचार नहीं हुआ होता।

  • उन्हें गंतव्य आकर्षक नहीं लगता।

  • गंतव्य उनकी रुचि के अनुसार नहीं होता।



निष्कर्ष

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन संगठनों, सरकार और Destination Management Agencies को इन बाधाओं को पहचानकर कम करना चाहिए, ताकि पर्यटक सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा कर सकें।

अभ्यास – 2

1. पर्यटन प्रेरक (Tourism Motivators) से क्या अभिप्राय है?

उत्तर:
पर्यटन प्रेरक वे कारक हैं जो लोगों को पर्यटन गतिविधियों में भाग लेने और विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित या प्रेरित करते हैं। सरल शब्दों में, प्रेरक वे कारण हैं जो लोगों को यात्रा करने के लिए प्रेरित करते हैं।


2. अपने यात्रा अनुभवों से उपयुक्त उदाहरण सहित पर्यटन की कोई चार बाधाएँ लिखिए।

उत्तर:
पर्यटन की चार बाधाएँ निम्नलिखित हैं:

  1. अवकाश के समय की कमी (Lack of Leisure Time):
    नौकरी, पढ़ाई या पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण लोगों को यात्रा करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सकता है।
    उदाहरण: मैं अपनी स्कूल/कॉलेज की व्यस्तताओं के कारण लंबी छुट्टी पर नहीं जा सका/सकी।

  2. आर्थिक कारक (Economic Factor):
    पर्याप्त धन की कमी लोगों को यात्रा करने से रोक सकती है।
    उदाहरण: मुझे एक यात्रा रद्द करनी पड़ी क्योंकि यात्रा, आवास और भोजन का खर्च बहुत अधिक था।

  3. सुरक्षा एवं संरक्षा (Safety and Security):
    युद्ध, राजनीतिक अशांति, अपराध, आतंकवाद या स्वास्थ्य संबंधी जोखिम लोगों को यात्रा करने से हतोत्साहित कर सकते हैं।
    उदाहरण: मैंने किसी पर्यटन स्थल की यात्रा करने से परहेज किया क्योंकि मुझे वह स्थान सुरक्षित नहीं लगा।

  4. स्थान/दूरी (Space/Distance):
    कोई पर्यटन स्थल बहुत दूर होने या वहाँ उचित परिवहन सुविधा उपलब्ध न होने के कारण पर्यटकों को यात्रा करने से हतोत्साहित कर सकता है।
    उदाहरण: मैंने दूर स्थित स्थान के बजाय पास के पर्यटन स्थल को चुना क्योंकि वहाँ तक परिवहन आसानी से उपलब्ध नहीं था।

3.0 पर्यटन के रूप (Forms of Tourism) s

पर्यटन के रूपों का अर्थ (Meaning of Forms of Tourism)

पर्यटन में लोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए देश के भीतर या अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करते हैं। पर्यटन को अलग-अलग रूपों में बाँटा जाता है ताकि निम्नलिखित को समझा जा सके:

  • पर्यटकों की आवाजाही,

  • पर्यटन का प्रवाह,

  • पर्यटकों की संख्या,

  • और पर्यटन गतिविधियों का आर्थिक प्रभाव

International Recommendations for Tourism Statistics 2008 (IRTS 2008) के अनुसार, जिसे UNWTO (United Nations World Tourism Organization) द्वारा तैयार किया गया है, पर्यटन के तीन मूल रूप हैं:

  1. घरेलू पर्यटन (Domestic Tourism)

  2. आगमन पर्यटन (Inbound Tourism)

  3. बहिर्गमन पर्यटन (Outbound Tourism)


1. घरेलू पर्यटन (Domestic Tourism)

परिभाषा

घरेलू पर्यटन से आशय किसी निवासी आगंतुक द्वारा अपने ही देश के भीतर की जाने वाली पर्यटन गतिविधियों से है।

सरल शब्दों में, जब कोई व्यक्ति अपने ही देश के भीतर यात्रा करता है, तो उसे घरेलू पर्यटन कहा जाता है।

उदाहरण

यदि दिल्ली में रहने वाला कोई व्यक्ति गोवा, जयपुर, केरल या मुंबई की यात्रा करता है, तो यह घरेलू पर्यटन है क्योंकि व्यक्ति भारत के भीतर ही यात्रा कर रहा है।

मुख्य बिंदु

निवासी + अपने देश के भीतर = घरेलू पर्यटन

विशेषताएँ

  • यह देश के भीतर होता है।

  • पर्यटक उस देश का निवासी होता है।

  • किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार नहीं किया जाता।

  • यह देश की पर्यटन अर्थव्यवस्था में योगदान देता है।

उदाहरण:
दिल्ली का कोई भारतीय निवासी छुट्टियाँ बिताने के लिए राजस्थान की यात्रा करता है, तो वह घरेलू पर्यटक है।


2. आगमन पर्यटन (Inbound Tourism)

परिभाषा

आगमन पर्यटन से आशय किसी गैर-निवासी आगंतुक द्वारा किसी देश के भीतर की जाने वाली पर्यटन गतिविधियों से है।

सरल शब्दों में, जब किसी दूसरे देश का व्यक्ति हमारे देश में घूमने आता है, तो इसे आगमन पर्यटन कहा जाता है।

उदाहरण

यदि फ्रांस का कोई पर्यटक भारत में ताजमहल, जयपुर और केरल घूमने आता है, तो यह भारत के लिए आगमन पर्यटन है।

मुख्य बिंदु

गैर-निवासी + देश में आना = आगमन पर्यटन

विशेषताएँ

  • आगंतुक दूसरे देश से आता है।

  • आगंतुक उस देश का गैर-निवासी होता है जहाँ वह यात्रा कर रहा है।

  • इसमें अंतरराष्ट्रीय यात्रा शामिल होती है।

  • विदेशी पर्यटकों से आय प्राप्त होती है और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान होता है।

उदाहरण:
जापान का कोई पर्यटक दिल्ली और आगरा की यात्रा करता है, तो वह भारत के लिए आगमन पर्यटक है।


3. बहिर्गमन पर्यटन (Outbound Tourism)

परिभाषा

बहिर्गमन पर्यटन से आशय किसी निवासी आगंतुक द्वारा अपने देश के बाहर की जाने वाली पर्यटन गतिविधियों से है।

सरल शब्दों में, जब कोई व्यक्ति अपने देश से दूसरे देश की यात्रा करता है, तो इसे बहिर्गमन पर्यटन कहा जाता है।

उदाहरण

यदि कोई भारतीय निवासी पर्यटन के लिए दुबई, फ्रांस, सिंगापुर या नेपाल जाता है, तो यह भारत के लिए बहिर्गमन पर्यटन है।

मुख्य बिंदु

निवासी + अपने देश के बाहर = बहिर्गमन पर्यटन

विशेषताएँ

  • पर्यटक अपने देश का निवासी होता है।

  • पर्यटक देश के बाहर यात्रा करता है।

  • अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की जाती है।

  • पर्यटक द्वारा खर्च गंतव्य देश में किया जाता है।

उदाहरण:
कोई भारतीय निवासी छुट्टियाँ बिताने के लिए सिंगापुर जाता है, तो वह भारत के लिए बहिर्गमन पर्यटक है।


याद रखने का आसान तरीका

पर्यटन का रूपकौन यात्रा करता है?कहाँ?उदाहरण
घरेलू (Domestic)निवासीअपने देश के भीतरदिल्ली → गोवा
आगमन (Inbound)गैर-निवासीदूसरे देश में आनाफ्रांस → भारत
बहिर्गमन (Outbound)निवासीअपने देश के बाहरभारत → दुबई

शॉर्टकट:

Domestic = अंदर (अपने देश के भीतर)
Inbound = अंदर आना (Coming In)
Outbound = बाहर जाना (Going Out)


पर्यटन की संयुक्त श्रेणियाँ (Combined Categories of Tourism)

पर्यटन के तीन मूल रूपों को पर्यटकों की समग्र आवाजाही और उसके आर्थिक प्रभाव को समझने के लिए आपस में जोड़ा भी जा सकता है।

इससे तीन संयुक्त श्रेणियाँ बनती हैं:

  1. आंतरिक पर्यटन (Internal Tourism)

  2. राष्ट्रीय पर्यटन (National Tourism)

  3. अंतरराष्ट्रीय पर्यटन (International Tourism)


1. आंतरिक पर्यटन (Internal Tourism)

परिभाषा

आंतरिक पर्यटन = घरेलू पर्यटन + आगमन पर्यटन

इसमें देश के भीतर यात्रा करने वाले निवासी और गैर-निवासी दोनों आगंतुकों की पर्यटन गतिविधियाँ शामिल होती हैं।

सूत्र

आंतरिक पर्यटन = घरेलू पर्यटन + आगमन पर्यटन

उदाहरण

भारत में:

  • किसी भारतीय निवासी का दिल्ली से केरल जाना → घरेलू पर्यटन

  • किसी फ्रांसीसी पर्यटक का भारत आना → आगमन पर्यटन

दोनों को आंतरिक पर्यटन में शामिल किया जाता है क्योंकि दोनों पर्यटक भारत के भीतर यात्रा कर रहे हैं।

आसान अर्थ

आंतरिक पर्यटन = देश के अंदर होने वाली सभी पर्यटन गतिविधियाँ।

मुख्य बिंदु

इसमें शामिल हैं:

  • देश के भीतर यात्रा करने वाले निवासी

  • देश के भीतर यात्रा करने वाले विदेशी आगंतुक


2. राष्ट्रीय पर्यटन (National Tourism)

परिभाषा

राष्ट्रीय पर्यटन = घरेलू पर्यटन + बहिर्गमन पर्यटन

इसमें किसी देश के निवासियों की पर्यटन गतिविधियाँ शामिल होती हैं, चाहे वे अपने देश के भीतर या देश के बाहर यात्रा करें।

सूत्र

राष्ट्रीय पर्यटन = घरेलू पर्यटन + बहिर्गमन पर्यटन

उदाहरण

भारत के लिए:

  • किसी भारतीय निवासी का दिल्ली से गोवा जाना → घरेलू पर्यटन

  • किसी भारतीय निवासी का भारत से थाईलैंड जाना → बहिर्गमन पर्यटन

दोनों राष्ट्रीय पर्यटन का हिस्सा हैं क्योंकि दोनों यात्री भारतीय निवासी हैं।

आसान अर्थ

राष्ट्रीय पर्यटन = किसी देश के निवासियों की पर्यटन गतिविधियाँ, चाहे वे देश के भीतर हों या देश के बाहर।

मुख्य बिंदु

यह निवासियों (Residents) पर ध्यान केंद्रित करता है, न कि इस बात पर कि गंतव्य देश के अंदर है या बाहर।


3. अंतरराष्ट्रीय पर्यटन (International Tourism)

परिभाषा

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन = आगमन पर्यटन + बहिर्गमन पर्यटन

इसमें ऐसी पर्यटन गतिविधियाँ शामिल होती हैं जिनमें अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की जाती है।

सूत्र

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन = आगमन पर्यटन + बहिर्गमन पर्यटन

उदाहरण

  • फ्रांस का कोई पर्यटक भारत आता है → आगमन पर्यटन

  • कोई भारतीय पर्यटक फ्रांस जाता है → बहिर्गमन पर्यटन

दोनों अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के रूप हैं क्योंकि इनमें दो देशों के बीच यात्रा होती है।

आसान अर्थ

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन = विभिन्न देशों के बीच होने वाला पर्यटन।


संयुक्त श्रेणियों की तुलना

श्रेणीसंयोजनसरल अर्थउदाहरण
आंतरिक पर्यटनघरेलू + आगमनदेश के भीतर होने वाला पर्यटनभारतीय + विदेशी पर्यटक भारत में यात्रा करते हैं
राष्ट्रीय पर्यटनघरेलू + बहिर्गमनकिसी देश के निवासियों द्वारा किया गया पर्यटनभारतीय भारत में और विदेश में यात्रा करते हैं
अंतरराष्ट्रीय पर्यटनआगमन + बहिर्गमनविभिन्न देशों से संबंधित पर्यटनविदेशी भारत आते हैं + भारतीय विदेश जाते हैं

पूरी अवधारणा एक नजर में

                    पर्यटन के रूप
                         │
          ┌──────────────┼──────────────┐
          │              │              │
       घरेलू          आगमन           बहिर्गमन
      पर्यटन         पर्यटन           पर्यटन
          │              │              │
       निवासी        गैर-निवासी       निवासी
       देश के         देश के          देश के
       भीतर           भीतर            बाहर
          │              │              │
          └───────┬──────┘              │
                  ↓                     │
             आंतरिक पर्यटन             │
          घरेलू + आगमन                 │
                                        │
घरेलू पर्यटन ───────────────┐           │
                            ↓           │
                      राष्ट्रीय पर्यटन │
                    घरेलू + बहिर्गमन   │
                                        │
आगमन पर्यटन ─────────────────┐         │
                              ↓         │
                       अंतरराष्ट्रीय    │
                          पर्यटन        │
                    आगमन + बहिर्गमन    │

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण सूत्र

1. आंतरिक पर्यटन = घरेलू पर्यटन + आगमन पर्यटन

2. राष्ट्रीय पर्यटन = घरेलू पर्यटन + बहिर्गमन पर्यटन

3. अंतरराष्ट्रीय पर्यटन = आगमन पर्यटन + बहिर्गमन पर्यटन

एक पंक्ति में पुनरावृत्ति

  • घरेलू पर्यटन: निवासी द्वारा अपने देश के भीतर यात्रा।

  • आगमन पर्यटन: गैर-निवासी द्वारा देश में आकर यात्रा करना।

  • बहिर्गमन पर्यटन: निवासी द्वारा अपने देश के बाहर यात्रा करना।

  • आंतरिक पर्यटन: घरेलू + आगमन।

  • राष्ट्रीय पर्यटन: घरेलू + बहिर्गमन।

  • अंतरराष्ट्रीय पर्यटन: आगमन + बहिर्गमन।

3.0 पर्यटन के प्रकार (Types of Tourism)

पर्यटन के प्रकारों का अर्थ (Meaning of Types of Tourism)

पर्यटकों की अलग-अलग आवश्यकताओं, रुचियों और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पर्यटन विभिन्न प्रकारों में उपलब्ध है।

लोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए यात्रा करते हैं, जैसे:

  • शिक्षा

  • व्यवसाय

  • मनोरंजन एवं विश्राम

  • सांस्कृतिक ज्ञान

  • वन्यजीव

  • ग्रामीण अनुभव

  • क्रूज़

  • साहसिक गतिविधियाँ

  • विशेष रुचियाँ

इसलिए, यात्रा के उद्देश्य के आधार पर पर्यटन को विभिन्न प्रकारों में बाँटा गया है।

UNWTO के अनुसार पर्यटन के मुख्य उद्देश्य

UNWTO के अनुसार, यात्रा के उद्देश्य को मुख्य रूप से दो व्यापक श्रेणियों में बाँटा जा सकता है:

  1. व्यक्तिगत उद्देश्य (Personal Purpose)

  2. व्यावसायिक उद्देश्य (Business Purpose)

यात्रा के अधिकांश अन्य उद्देश्य इन दो व्यापक श्रेणियों के अंतर्गत आते हैं।


पर्यटन के प्रकार (Types of Tourism)

पर्यटकों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्यटन के विभिन्न प्रकार विकसित किए गए हैं।

कुछ महत्वपूर्ण प्रकार निम्नलिखित हैं:


1. शैक्षिक पर्यटन (Educational Tourism)

ऐसा पर्यटन जो सीखने, अध्ययन करने या ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जाता है, शैक्षिक पर्यटन कहलाता है।

उदाहरण:
छात्रों द्वारा शैक्षिक उद्देश्य से ऐतिहासिक स्मारकों, संग्रहालयों, विश्वविद्यालयों या वनस्पति उद्यानों की यात्रा करना।


2. सांस्कृतिक पर्यटन (Cultural Tourism)

किसी गंतव्य की संस्कृति, परंपराओं, विरासत, रीति-रिवाजों, कला और जीवनशैली को जानने और अनुभव करने के उद्देश्य से किया गया पर्यटन सांस्कृतिक पर्यटन कहलाता है।

उदाहरण:
राजस्थान की लोक नृत्य, पारंपरिक भोजन, संगीत और विरासत का अनुभव करने के लिए किसी पर्यटक का राजस्थान जाना।


3. अवकाश पर्यटन (Leisure Tourism)

मुख्य रूप से विश्राम, आनंद और मनोरंजन के लिए की जाने वाली यात्रा को अवकाश पर्यटन कहा जाता है।

उदाहरण:
किसी परिवार का छुट्टियाँ बिताने के लिए गोवा जाना और समुद्र तटों पर समय बिताना।


4. क्रूज़ पर्यटन (Cruise Tourism)

ऐसा पर्यटन जिसमें पर्यटक क्रूज़ जहाज से यात्रा करते हैं और यात्रा के दौरान विभिन्न पर्यटन स्थलों पर जाते हैं, क्रूज़ पर्यटन कहलाता है।

उदाहरण:
किसी पर्यटक द्वारा ऐसी क्रूज़ यात्रा करना जिसमें यात्रा के दौरान कई तटीय पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया जाता है।


5. वन्यजीव पर्यटन (Wildlife Tourism)

ऐसा पर्यटन जिसमें वन्यजीव अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों और प्राकृतिक आवासों की यात्रा करके पशु-पक्षियों का अवलोकन किया जाता है, वन्यजीव पर्यटन कहलाता है।

उदाहरण:
बाघों को देखने के लिए रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा करना।


6. ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism)

ग्रामीण जीवन, परंपराओं, कृषि और स्थानीय संस्कृति का अनुभव करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों और गाँवों की यात्रा करना ग्रामीण पर्यटन कहलाता है।

उदाहरण:
किसी पर्यटक का भारतीय गाँव में ठहरना और पारंपरिक खेती तथा ग्रामीण जीवन का अनुभव करना।


7. व्यावसायिक पर्यटन (Business Tourism)

मुख्य रूप से व्यवसाय से संबंधित उद्देश्यों के लिए किया जाने वाला पर्यटन व्यावसायिक पर्यटन कहलाता है।

इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • व्यावसायिक बैठकें

  • सम्मेलन

  • व्यापार मेले

  • प्रदर्शनियाँ

  • कॉर्पोरेट कार्यक्रम

व्यावसायिक पर्यटन पर्यटन उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।


विशेष रुचि पर्यटन (Special Interest Tourism – SIT)

अर्थ

विशेष रुचि पर्यटन (SIT) ऐसा पर्यटन है जिसे पर्यटकों की विशिष्ट रुचियों या विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है।

सामान्य दर्शनीय स्थलों की यात्रा करने के बजाय, पर्यटक किसी विशेष रुचि के कारण किसी गंतव्य या टूर का चयन करते हैं।

SIT के उदाहरण

  • वनस्पति पर्यटन

  • वन्यजीव पर्यटन

  • पक्षी-दर्शन पर्यटन

  • विरासत पर्यटन

  • फोटोग्राफी पर्यटन

  • साहसिक पर्यटन

  • सांस्कृतिक पर्यटन

  • खाद्य एवं पाक-कला पर्यटन

उदाहरण 1: वनस्पति पर्यटन (Botanical Tourism)

यूनाइटेड किंगडम के वनस्पति विज्ञान के छात्र भारत के वनस्पति उद्यानों का अध्ययन और भ्रमण करने के लिए भारत आ सकते हैं।

यह विशेष रुचि पर्यटन है क्योंकि छात्र पौधों और वनस्पति विज्ञान में अपनी विशेष शैक्षणिक रुचि के कारण यात्रा कर रहे हैं।

उदाहरण 2: मूल/वंश पर्यटन (Root Tourism)

मूल/वंश पर्यटन (Root Tourism) भी विशेष रुचि पर्यटन का एक उदाहरण है।

भारत से बाहर रहने वाले भारतीय मूल के लोग अपनी पारिवारिक इतिहास, पूर्वजों और पैतृक स्थानों की जानकारी प्राप्त करने के लिए भारत की यात्रा कर सकते हैं।

वे उन स्थानों पर जा सकते हैं जहाँ उनके पूर्वज रहते थे और अपनी पारिवारिक जड़ों को समझने का प्रयास कर सकते हैं।

मुख्य बिंदु

SIT = पर्यटक की किसी विशेष रुचि पर आधारित पर्यटन।


3.6.1 MICE पर्यटन का परिचय (Introduction to MICE Tourism)

MICE का अर्थ

MICE एक संक्षिप्त रूप (Acronym) है:

अक्षरअर्थ
MMeetings – बैठकें
IIncentive Tours – प्रोत्साहन यात्राएँ
CConferences – सम्मेलन
EExpositions – प्रदर्शनियाँ/प्रदर्शनी कार्यक्रम

MICE पर्यटन तेजी से बढ़ता हुआ पर्यटन का एक प्रकार है, जो मुख्य रूप से व्यवसाय और व्यावसायिक यात्रा से संबंधित है।


1. बैठकें (Meetings)

अर्थ

बैठकें ऐसे संगठित कार्यक्रम हैं जहाँ लोग महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और विचार-विमर्श करने के लिए एकत्रित होते हैं।

बैठकें संबंधित हो सकती हैं:

  • व्यवसाय से

  • शिक्षा से

  • प्रशासन से

  • कंपनी के मामलों से

  • विलय और साझेदारी से

बैठकें किसी संगठन के भीतर हो सकती हैं या इनमें प्रतिभागियों को किसी दूसरे शहर या गंतव्य तक यात्रा करनी पड़ सकती है।

उदाहरण

किसी कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधकों का एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक बैठक के लिए दिल्ली से मुंबई की यात्रा करना।

मुख्य बिंदु

Meetings = विषयों पर चर्चा या निर्णय लेने के लिए एकत्रित होना।


2. प्रोत्साहन यात्राएँ (Incentive Tours)

अर्थ

प्रोत्साहन यात्राएँ वे पुरस्कार यात्राएँ हैं जो संगठनों द्वारा कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करने हेतु दी जाती हैं।

कंपनियाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को यात्रा पैकेज, छुट्टियाँ या अन्य अनुभव प्रदान कर सकती हैं।

उद्देश्य

मुख्य उद्देश्य हैं:

  • कर्मचारियों को प्रेरित करना

  • प्रदर्शन में सुधार करना

  • बिक्री बढ़ाना

  • अच्छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत करना

  • कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाना

उदाहरण

कोई कंपनी अपने सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले बिक्री कर्मचारियों को उच्च बिक्री लक्ष्य प्राप्त करने के पुरस्कार के रूप में गोल्फ हॉलिडे पैकेज दे सकती है।

मुख्य बिंदु

Incentive Tour = पुरस्कार या प्रोत्साहन के रूप में यात्रा।


3. सम्मेलन (Conferences)

अर्थ

सम्मेलन लोगों का एक औपचारिक समूह या सभा है जिसमें किसी विशेष उद्योग, व्यवसाय, शैक्षणिक क्षेत्र या क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर चर्चा और विचार-विमर्श किया जाता है।

सम्मेलनों में शामिल हो सकते हैं:

  • सेमिनार

  • संगोष्ठियाँ

  • शैक्षणिक सम्मेलन

  • औद्योगिक सम्मेलन

  • व्यावसायिक बैठकें

इनका आयोजन किया जा सकता है:

  • शैक्षणिक संस्थानों द्वारा

  • व्यावसायिक संघों द्वारा

  • औद्योगिक संगठनों द्वारा

  • अन्य विशेष संगठनों द्वारा

उदाहरण

किसी पर्यटन संघ द्वारा एक सम्मेलन आयोजित करना, जिसमें पर्यटन विशेषज्ञ सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) के भविष्य पर चर्चा करते हैं।

मुख्य बिंदु

Conference = किसी क्षेत्र या उद्योग से संबंधित विषयों पर चर्चा करने के लिए सभा।


4. प्रदर्शनियाँ (Expositions)

अर्थ

Expositions में प्रदर्शनियाँ, व्यापार मेले और ऐसे अन्य कार्यक्रम शामिल होते हैं, जिनका आयोजन उत्पादों, सेवाओं, तकनीक, कला या संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।

ये व्यवसायों और संगठनों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने तथा ग्राहकों और अन्य व्यवसायों के साथ बातचीत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

उदाहरण

  • ऑटो एक्सपो

  • कला प्रदर्शनियाँ

  • फैशन वीक

  • व्यापार मेले

  • सांस्कृतिक प्रदर्शनियाँ

उदाहरण:
नई दिल्ली में आयोजित ऑटो एक्सपो में ऑटोमोबाइल और उनसे संबंधित उत्पादों को प्रदर्शित किया जाता है।

मुख्य बिंदु

Exposition = उत्पादों, सेवाओं या संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम।


MICE पर्यटन क्यों महत्वपूर्ण है?

MICE पर्यटन पर्यटन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि व्यावसायिक यात्रा अक्सर तब भी होती है जब पर्यटकों के पास मनोरंजन संबंधी गतिविधियों के लिए अधिक समय नहीं होता।

उदाहरण के लिए, कोई व्यवसायी किसी सम्मेलन या बैठक के लिए दूसरे शहर की यात्रा कर सकता है और वहाँ कुछ दिनों तक रुक सकता है।

इसलिए, MICE पर्यटन पर्यटन का एक बढ़ता हुआ और विस्तारित क्षेत्र है।

पर्यटन संगठन और एजेंसियाँ MICE पर्यटकों का अध्ययन करती हैं ताकि उन्हें समझा जा सके:

  • उनकी आवश्यकताएँ

  • उनकी प्राथमिकताएँ

  • उनका यात्रा व्यवहार

  • उनकी आवास संबंधी आवश्यकताएँ

  • उनकी परिवहन संबंधी आवश्यकताएँ

  • उनके खर्च करने का तरीका

इससे पर्यटन उद्योग को बेहतर सेवाएँ और सुविधाएँ प्रदान करने में सहायता मिलती है।


MICE पर्यटन एक नजर में

MICEअर्थमुख्य उद्देश्यउदाहरण
M – Meetings (बैठकें)औपचारिक सभाएँचर्चा/निर्णय लेनाव्यावसायिक बैठक
I – Incentives (प्रोत्साहन)पुरस्कार यात्राएँप्रेरणा/पुरस्कारअच्छे कर्मचारियों के लिए छुट्टी
C – Conferences (सम्मेलन)व्यावसायिक/शैक्षणिक सभाएँउद्योग या शैक्षणिक विषयों पर चर्चापर्यटन सम्मेलन
E – Expositions (प्रदर्शनियाँ)

अभ्यास – 3 (Exercise – 3)

प्रश्न 1. पर्यटन के रूपों (Forms of Tourism) को समझने की क्या आवश्यकता है?

उत्तर:

पर्यटन के रूपों को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे हमें निम्नलिखित में सहायता मिलती है:

  1. पर्यटकों की आवाजाही को पहचानने में – देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार पर्यटकों की आवाजाही को समझने में।

  2. पर्यटन के प्रवाह को समझने में – एक स्थान से दूसरे स्थान तक पर्यटन के प्रवाह को समझने में।

  3. विभिन्न पर्यटन गतिविधियों का वर्गीकरण करने में – सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए विभिन्न पर्यटन गतिविधियों को वर्गीकृत करने में।

  4. पर्यटन गतिविधियों के आर्थिक प्रभाव की गणना करने में – विभिन्न पर्यटन गतिविधियों से होने वाले आर्थिक प्रभाव को मापने में।

  5. पर्यटन के विकास और योजना बनाने में – पर्यटन संगठनों और सरकारों को पर्यटन सुविधाओं और सेवाओं की योजना बनाने तथा उनके विकास में सहायता करने में।

संक्षेप में:

पर्यटन के रूपों को समझने से हमें पर्यटकों की आवाजाही, पर्यटन के प्रवाह और पर्यटन से होने वाले आर्थिक लाभों का अध्ययन करने में सहायता मिलती है।


प्रश्न 2. विशेष रुचि पर्यटन (Special Interest Tourism) से क्या अभिप्राय है? संभावित SIT पैकेज के दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर:

विशेष रुचि पर्यटन (Special Interest Tourism – SIT) पर्यटन का वह प्रकार है जिसे पर्यटकों की विशिष्ट रुचियों, आवश्यकताओं या अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार किया जाता है। SIT में पर्यटक इसलिए यात्रा करते हैं क्योंकि उनकी किसी विशेष विषय, गतिविधि, स्थान या अनुभव में रुचि होती है।

SIT पैकेज के दो उदाहरण:

1. वनस्पति पर्यटन पैकेज (Botanical Tourism Package):

वनस्पति विज्ञान के छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया ऐसा पर्यटन पैकेज, जिसमें वे वनस्पति उद्यानों का भ्रमण करते हैं और विभिन्न प्रकार के पौधों की प्रजातियों का अध्ययन करते हैं।

2. मूल/वंश पर्यटन पैकेज (Root Tourism Package):

विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के लिए तैयार किया गया ऐसा पर्यटन पैकेज, जिसमें वे भारत की यात्रा करके अपने पैतृक स्थानों, पारिवारिक इतिहास और अपनी जड़ों को जानने का प्रयास करते हैं।

संक्षेप में:

SIT = पर्यटक की किसी विशेष या विशिष्ट रुचि पर आधारित पर्यटन।


प्रश्न 3. MICE से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:

MICE का पूरा रूप है:

  • M – Meetings (बैठकें)

  • I – Incentive Tours (प्रोत्साहन यात्राएँ)

  • C – Conferences (सम्मेलन)

  • E – Expositions (प्रदर्शनियाँ)

MICE पर्यटन व्यावसायिक पर्यटन का एक प्रकार है, जिसमें लोग व्यावसायिक बैठकों, सम्मेलनों, सेमिनारों, प्रोत्साहन यात्राओं, प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों और अन्य व्यावसायिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए यात्रा करते हैं।

MICE के घटक:

1. Meetings (बैठकें):
ऐसी सभाएँ जिनका आयोजन व्यावसायिक, शैक्षणिक या प्रशासनिक विषयों पर चर्चा करने के लिए किया जाता है।

2. Incentive Tours (प्रोत्साहन यात्राएँ):
अच्छे प्रदर्शन के लिए कर्मचारियों को पुरस्कार या प्रोत्साहन के रूप में संगठनों द्वारा दी जाने वाली यात्राएँ।

3. Conferences (सम्मेलन):
ऐसी सभाएँ जिनमें किसी विशेष उद्योग, व्यवसाय या शैक्षणिक क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाती है।

4. Expositions (प्रदर्शनियाँ):
ऐसी प्रदर्शनियाँ, व्यापार मेले और कार्यक्रम जिनका आयोजन उत्पादों, सेवाओं, कला या संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।


3.0 टूर पैकेज के प्रकार (Types of Tour Packages)

1. टूर का अर्थ (Meaning of a Tour)

टूर (Tour) एक या एक से अधिक पर्यटन स्थलों की पूर्व-व्यवस्थित यात्रा है, जिसमें यात्रा के बाद पर्यटक अपने प्रारंभिक स्थान पर वापस लौटता है।

एक टूर में निम्नलिखित सेवाएँ शामिल हो सकती हैं:

  • आवास (Accommodation)

  • परिवहन (Transportation)

  • भोजन सेवाएँ (Food Services)

  • मनोरंजन (Entertainment)

  • दर्शनीय स्थलों का भ्रमण तथा अन्य गतिविधियाँ (Sightseeing and Other Activities)

एक टूर में सामान्यतः निश्चित मूल्य, निश्चित अवधि और सेवाओं का एक निश्चित समूह होता है, हालाँकि कुछ सेवाएँ अलग से भी खरीदी जा सकती हैं।

सर्व-समावेशी टूर (All-Inclusive Tour)

जिस टूर में सभी प्रमुख सेवाएँ एक ही कीमत में शामिल होती हैं, उसे सर्व-समावेशी टूर (All-Inclusive Tour) कहा जाता है।

सर्व-समावेशी टूर के मुख्य प्रकार

भाग लेने वाले पर्यटकों के आधार पर सर्व-समावेशी टूर मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:

  1. ग्रुप इनक्लूसिव टूर (Group Inclusive Tour – GIT)

  2. फ्री इंडिपेंडेंट ट्रैवल/ट्रैवलर (Free Independent Travel/Traveller – FIT)


2. ग्रुप इनक्लूसिव टूर (Group Inclusive Tour – GIT)

अर्थ

ग्रुप इनक्लूसिव टूर (GIT) ऐसा टूर है जिसमें पर्यटक एक समूह के रूप में एक साथ यात्रा करते हैं।

एक समूह में सामान्यतः 15 या उससे अधिक पर्यटक/यात्री होते हैं, जिन्हें सामान्य रूप से Pax कहा जाता है।

महत्वपूर्ण विशेषताएँ

  • पर्यटक एक समूह में एक साथ यात्रा करते हैं।

  • टूर सामान्यतः पूर्व-निर्धारित यात्रा कार्यक्रम (Pre-planned Itinerary) के अनुसार चलता है।

  • टूर को लाभदायक रूप से संचालित करने के लिए पर्यटकों की न्यूनतम संख्या आवश्यक हो सकती है।

  • परिवहन की क्षमता के आधार पर पर्यटकों की अधिकतम संख्या भी निर्धारित हो सकती है।

  • यह सामान्यतः व्यक्तिगत टूर की तुलना में अधिक व्यवस्थित और संरचित होता है।

उदाहरण

30 पर्यटकों का एक समूह दिल्ली → आगरा → जयपुर → दिल्ली की यात्रा करता है तथा सभी के लिए सामान्य परिवहन, आवास और दर्शनीय स्थलों की व्यवस्था होती है।

याद रखें

GIT = समूह + सामान्य टूर व्यवस्थाएँ


3. फ्री इंडिपेंडेंट ट्रैवल (Free Independent Travel – FIT)

अर्थ

FIT का अर्थ Free Independent Travel या Free Individual Traveller है।

यह ऐसा टूर है जिसमें एक पर्यटक या पर्यटकों की एक जोड़ी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार पहले से निर्धारित या विशेष रूप से तैयार किए गए यात्रा कार्यक्रम के अनुसार यात्रा करती है।

GIT की तुलना में FIT का यात्रा कार्यक्रम सामान्यतः पर्यटक की पसंद और आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाता है।

विशेषताएँ

  • सामान्यतः इसमें एक व्यक्ति या एक जोड़ा शामिल होता है।

  • समूह टूर की तुलना में अधिक लचीलापन होता है।

  • यात्रा कार्यक्रम विशेष रूप से तैयार किया जा सकता है।

  • आवास, परिवहन, दर्शनीय स्थल और अन्य सेवाएँ पर्यटक की आवश्यकताओं के अनुसार चुनी जा सकती हैं।

  • FIT पर्यटक अक्सर टेलर-मेड/कस्टमाइज्ड पैकेज चुनते हैं।

उदाहरण

एक दंपति किसी ट्रैवल कंपनी से अपनी पसंद के होटल, दर्शनीय स्थलों और परिवहन के अनुसार 7 दिन की केरल यात्रा की व्यवस्था करने के लिए कहता है।

याद रखें

FIT = व्यक्ति/जोड़ा + लचीली/कस्टमाइज्ड यात्रा


4. यात्रा कार्यक्रम (Itinerary)

अर्थ

Itinerary (यात्रा कार्यक्रम) किसी टूर का यात्रा कार्यक्रम या यात्रा की योजना है।

इसमें यात्रा और नियोजित गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण विवरण दिए जाते हैं।

इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • उड़ान/ट्रेन संख्या

  • प्रस्थान और आगमन का समय

  • होटल का विवरण

  • आरक्षण की पुष्टि संख्या

  • परिवहन का विवरण

  • दर्शनीय स्थलों की व्यवस्था

  • नियोजित गतिविधियाँ

  • यात्रा की तिथियाँ और गंतव्य

सरल परिभाषा

Itinerary = टूर की पूरी यात्रा योजना/समय-सारणी।


5. टूर पैकेज के प्रकार (Types of Tour Packages)

सर्व-समावेशी टूर को अक्सर यात्रा कार्यक्रम (Itinerary) के आधार पर दो प्रकारों में बाँटा जाता है:

  1. रेडीमेड टूर पैकेज (Ready-made Tour Package)

  2. टेलर-मेड/कस्टमाइज्ड टूर पैकेज (Tailor-made/Customised Tour Package)


5.1 रेडीमेड टूर पैकेज (Ready-made Tour Package)

अर्थ

रेडीमेड टूर पैकेज ऐसा पैकेज है जिसमें यात्रा कार्यक्रम पहले से निर्धारित होता है।

टूर कंपनी प्रमुख विवरण पहले से तय करती है और ग्राहक उपलब्ध पैकेज को उसी रूप में खरीदता है।

सामान्यतः पहले से तय होते हैं:

  • यात्रा कार्यक्रम

  • कीमत

  • आवास

  • परिवहन

  • दर्शनीय स्थल

  • पर्यटकों की संख्या (Pax)

  • टूर की अवधि

  • अन्य सेवाएँ

उदाहरण

एक ट्रैवल कंपनी निम्नलिखित पैकेज प्रदान करती है:

"5 दिनों का गोल्डन ट्रायंगल टूर – दिल्ली, आगरा और जयपुर"

इसमें कीमत, होटल, परिवहन, दर्शनीय स्थल और यात्रा कार्यक्रम पहले से निश्चित हैं।

मुख्य बिंदु

Ready-made = पहले से नियोजित + पहले से निर्धारित + खरीदने के लिए तैयार


5.2 टेलर-मेड / कस्टमाइज्ड टूर पैकेज

(Tailor-made / Customised Tour Package)

अर्थ

टेलर-मेड टूर पैकेज, जिसे कस्टमाइज्ड टूर भी कहा जाता है, ऐसा टूर पैकेज है जिसे पर्यटक की आवश्यकताओं और पसंद के अनुसार विशेष रूप से तैयार या संशोधित किया जाता है।

इनमें निम्नलिखित बदलाव किए जा सकते हैं:

  • आवास

  • परिवहन

  • दर्शनीय स्थल

  • यात्रा की अवधि

  • गंतव्य

  • गतिविधियाँ

  • अन्य सेवाएँ

उदाहरण

एक परिवार राजस्थान की यात्रा करना चाहता है, लेकिन वह चाहता है:

  • विशेष होटल,

  • कम दर्शनीय स्थल,

  • निजी परिवहन,

  • जयपुर में अतिरिक्त दिन।

ट्रैवल कंपनी उनकी आवश्यकताओं के अनुसार पैकेज में बदलाव करती है।

मुख्य बिंदु

Tailor-made = ग्राहक की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया गया।

महत्वपूर्ण

FIT पर्यटक सामान्यतः GIT पर्यटकों की तुलना में टेलर-मेड/कस्टमाइज्ड पैकेज अधिक चुनते हैं।


6. समूह में पर्यटकों के लिए टूर के रूप (Forms of Tours for Tourists in a Group)

पर्यटकों को दिए जाने वाले टूर मुख्य रूप से तीन प्रकार के हो सकते हैं:

  1. एस्कॉर्टेड टूर (Escorted Tour)

  2. होस्टेड टूर (Hosted Tour)

  3. इंडिविजुअल टूर (Individual Tour)


6.1 एस्कॉर्टेड टूर (Escorted Tour)

अर्थ

एस्कॉर्टेड टूर में एक एस्कॉर्ट/सहायक व्यक्ति टूर की शुरुआत से अंत तक पर्यटक समूह के साथ यात्रा करता है।

एस्कॉर्ट हो सकता है:

  • स्थानीय एस्कॉर्ट, या

  • पर्यटक के मूल देश से आया हुआ एस्कॉर्ट।

एस्कॉर्ट पूरे टूर के दौरान पर्यटकों की सहायता करता है और यात्रा को सुचारु बनाने में मदद करता है।

विभिन्न गंतव्यों और दर्शनीय स्थलों पर स्थानीय गाइड का भी उपयोग किया जा सकता है।

उदाहरण

एक टूर लीडर दिल्ली से शुरू होने वाले 10 दिनों के राजस्थान टूर के दौरान पूरे समय पर्यटक समूह के साथ रहता है।

याद रखें

Escorted Tour = एक एस्कॉर्ट पूरे टूर में समूह के साथ रहता है।


6.2 होस्टेड टूर (Hosted Tour)

अर्थ

होस्टेड टूर में प्रत्येक गंतव्य पर एक नया होस्ट पर्यटक समूह से मिलता है।

एस्कॉर्टेड टूर के विपरीत, एक ही व्यक्ति आवश्यक नहीं है कि पूरी यात्रा के दौरान समूह के साथ रहे।

विभिन्न गंतव्यों पर स्थानीय गाइड का भी सामान्यतः उपयोग किया जाता है।

उदाहरण

भारत की यात्रा करने वाले एक समूह के लिए दिल्ली, जयपुर, आगरा और वाराणसी में अलग-अलग स्थानीय होस्ट उपलब्ध होते हैं।

याद रखें

Hosted Tour = अलग-अलग गंतव्यों पर अलग-अलग होस्ट।


6.3 इंडिविजुअल टूर (Individual Tour)

अर्थ

इंडिविजुअल टूर में पर्यटक या पर्यटकों का समूह बिना किसी एस्कॉर्ट या होस्ट के स्वयं यात्रा करता है।

हालाँकि, आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय गाइड की सेवाएँ ली जा सकती हैं।

उदाहरण

एक दंपति राजस्थान में स्वतंत्र रूप से यात्रा करता है और केवल किलों तथा स्मारकों को देखने के समय स्थानीय गाइड की सेवा लेता है।

याद रखें

Individual Tour = एस्कॉर्ट या होस्ट के बिना स्वतंत्र रूप से यात्रा।


7. परिचयात्मक यात्रा (Familiarization Tour – FAM Tour)

अर्थ

Familiarization Tour, जिसे सामान्यतः FAM Tour कहा जाता है, मुख्य रूप से यात्रा एवं पर्यटन से जुड़े पेशेवरों के लिए आयोजित की जाने वाली निःशुल्क या कम कीमत वाली यात्रा होती है।

इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को किसी गंतव्य, पर्यटन उत्पाद या सेवा प्रदाता से परिचित कराना होता है।

कौन भाग ले सकता है?

FAM Tours निम्नलिखित लोगों को दिए जा सकते हैं:

  • ट्रैवल एजेंट

  • टूर ऑपरेटर

  • ट्रैवल बायर/यात्रा खरीदार

  • ट्रैवल पत्रकार

FAM Tour के उद्देश्य

मुख्य उद्देश्य हैं:

  • पर्यटन पेशेवरों को किसी गंतव्य से परिचित कराना।

  • उन्हें होटल और अन्य आवास सुविधाओं को समझने में सहायता करना।

  • परिवहन सुविधाओं का अनुभव कराना।

  • पर्यटन उत्पादों और आकर्षणों के बारे में जानकारी देना।

  • उन्हें गंतव्य को बेचने या प्रचारित करने के लिए प्रोत्साहित करना।

  • ट्रैवल पत्रकारों को लेख और मीडिया कवरेज तैयार करने में सहायता करना।

उदाहरण

किसी पर्यटन बोर्ड द्वारा ट्रैवल एजेंटों को केरल की 5 दिनों की रियायती यात्रा के लिए आमंत्रित किया जाता है, ताकि वे वहाँ के होटल, पर्यटन आकर्षण और सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें और बाद में अपने ग्राहकों को केरल की यात्रा की सलाह दे सकें।

विशेष स्थिति: ट्रैवल पत्रकार

ट्रैवल पत्रकारों को शोध यात्राओं (Research Trips) के रूप में FAM Tours की सुविधा दी जा सकती है, ताकि वे पर्यटन उत्पादों और गंतव्यों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें तथा उनके बारे में मीडिया कवरेज तैयार कर सकें।

3.0 पर्यटन के प्रभावों की परिभाषा (Defining Tourism Impacts)

1. पर्यटन के प्रभावों का अर्थ (Meaning of Tourism Impacts)

पर्यटन किसी गंतव्य पर आने वाले पर्यटकों (अतिथियों) को वहाँ के स्थानीय लोगों (मेजबानों) के संपर्क में लाता है।

पर्यटक स्थानीय समुदायों के साथ निम्नलिखित कार्यों के लिए संपर्क करते हैं:

  • स्थानीय उत्पाद खरीदना

  • पर्यटन सेवाओं का उपयोग करना

  • स्थानीय भोजन खाना

  • पर्यटन आकर्षणों का भ्रमण करना

  • स्थानीय त्योहारों और कार्यक्रमों में भाग लेना

  • स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करना

यह संपर्क समय के साथ पर्यावरण और स्थानीय समुदाय में परिवर्तन ला सकता है।

परिभाषा

पर्यटन के प्रभाव उन परिवर्तनों को कहा जाता है जो पर्यटन गतिविधियों के परिणामस्वरूप पर्यावरण और समुदाय में उत्पन्न होते हैं।

ये प्रभाव हो सकते हैं:

  • सकारात्मक (Positive) – लाभकारी प्रभाव

  • नकारात्मक (Negative) – हानिकारक प्रभाव

आसान समझ के लिए पर्यटन के प्रभावों को तीन प्रमुख प्रकारों में बाँटा जाता है:

  1. सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव (Socio-cultural Impacts)

  2. आर्थिक प्रभाव (Economic Impacts)

  3. पर्यावरणीय प्रभाव (Environmental Impacts)


2. सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव (Socio-cultural Impacts)

अर्थ

सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव पर्यटन के कारण स्थानीय समुदाय के समाज, संस्कृति, परंपराओं, रीति-रिवाजों, जीवनशैली और व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभाव हैं।

ये प्रभाव निम्नलिखित कारणों से उत्पन्न होते हैं:

  • पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क

  • पर्यटन उद्योग के माध्यम से अप्रत्यक्ष संबंध

  • विचारों, रीति-रिवाजों और जीवनशैली का आदान-प्रदान

सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव सकारात्मक और नकारात्मक दोनों हो सकते हैं।


सकारात्मक सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव

सांस्कृतिक गौरव का पुनर्जागरण (Renewal of Cultural Pride)

पर्यटन स्थानीय लोगों को अपनी संस्कृति और विरासत को फिर से जानने तथा उसका महत्व समझने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।

जब पर्यटक स्थानीय:

  • परंपराओं

  • हस्तशिल्प

  • लोक नृत्यों

  • संगीत

  • त्योहारों

  • कला

  • ऐतिहासिक विरासत

में रुचि दिखाते हैं, तो स्थानीय लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति गौरव और अपनापन बढ़ सकता है।

यह पारंपरिक कला और हस्तशिल्प के संरक्षण में भी सहायता कर सकता है।

उदाहरण

यदि पर्यटक किसी गाँव के पारंपरिक हस्तशिल्प में रुचि दिखाते हैं, तो स्थानीय लोग उन पारंपरिक शिल्पों का उत्पादन और संरक्षण जारी रख सकते हैं।


नकारात्मक सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव

प्रदर्शन प्रभाव (Demonstration Effect)

प्रदर्शन प्रभाव पर्यटन का एक महत्वपूर्ण नकारात्मक सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव है।

यह तब होता है जब स्थानीय लोग पर्यटकों की जीवनशैली, व्यवहार और उपभोग के तरीकों की नकल करना शुरू कर देते हैं।

वे पर्यटकों की निम्नलिखित चीजों को अपना सकते हैं:

  • पहनावे की शैली

  • खाने की आदतें

  • भाषा

  • व्यवहार

  • जीवनशैली

यदि यह अत्यधिक हो जाए, तो इसके कारण हो सकता है:

  • सांस्कृतिक ह्रास

  • पारंपरिक मूल्यों का नुकसान

  • स्थानीय रीति-रिवाजों में परिवर्तन

  • पारंपरिक जीवनशैली का कमजोर होना

उदाहरण

स्थानीय युवा धीरे-धीरे पारंपरिक कपड़ों और खान-पान की आदतों को छोड़कर पर्यटकों के बीच सामान्य रूप से दिखाई देने वाले कपड़ों और भोजन की आदतों को अपनाने लग सकते हैं।


3. आर्थिक प्रभाव (Economic Impacts)

अर्थ

आर्थिक प्रभाव पर्यटन के कारण किसी गंतव्य की आय, रोजगार, कीमतों, व्यावसायिक गतिविधियों और समग्र अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव हैं।

पर्यटन को अक्सर विश्व के सबसे अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्योगों में से एक माना जाता है।

आर्थिक प्रभाव भी सकारात्मक और नकारात्मक हो सकते हैं।


सकारात्मक आर्थिक प्रभाव

रोजगार सृजन (Employment Generation)

पर्यटन गंतव्य क्षेत्र के साथ-साथ पर्यटक उत्पन्न करने वाले क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर पैदा करता है।

रोजगार निम्नलिखित क्षेत्रों में उत्पन्न हो सकता है:

  • होटल

  • रेस्तराँ

  • ट्रैवल एजेंसियाँ

  • टूर ऑपरेटर

  • परिवहन

  • पर्यटन आकर्षण

  • खरीदारी

  • मनोरंजन

  • गाइड सेवाएँ

उदाहरण

जब किसी गंतव्य पर पर्यटक आते हैं, तो होटल अधिक कर्मचारियों को नियुक्त कर सकते हैं, रेस्तराँ को अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता हो सकती है और स्थानीय गाइडों को अधिक काम मिल सकता है।


नकारात्मक आर्थिक प्रभाव

मुद्रास्फीति (Inflation)

पर्यटन के कारण कभी-कभी मुद्रास्फीति हो सकती है।

जब पर्यटकों के कारण उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं की माँग बढ़ती है, तो उनकी कीमतें बढ़ सकती हैं।

इससे निम्नलिखित की लागत बढ़ सकती है:

  • भोजन

  • वस्तुएँ

  • सेवाएँ

  • भूमि

  • आवासीय मकान

  • रहने की व्यवस्था

इसके परिणामस्वरूप स्थानीय निवासियों के लिए जीवन-यापन की कुल लागत बढ़ सकती है।

उदाहरण

यदि कोई पर्यटन स्थल बहुत लोकप्रिय हो जाता है, तो होटल, भूमि और मकानों की माँग बढ़ सकती है, जिसके कारण कीमतें और किराए बढ़ सकते हैं।


4. पर्यावरणीय प्रभाव (Environmental Impacts)

अर्थ

पर्यावरणीय प्रभाव पर्यटन के कारण किसी गंतव्य के प्राकृतिक और भौतिक पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव हैं।

पर्यटन का पर्यावरण से गहरा संबंध है क्योंकि पर्यटक निम्नलिखित स्थानों की यात्रा करते हैं:

  • पर्वत

  • समुद्र तट

  • वन

  • राष्ट्रीय उद्यान

  • वन्यजीव अभयारण्य

  • नदियाँ

  • झीलें

  • अन्य प्राकृतिक आकर्षण

इसलिए पर्यटन पर्यावरण को सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार से प्रभावित कर सकता है।


सकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव

प्राकृतिक क्षेत्रों का संरक्षण (Protection of Natural Areas)

पर्यटन कुछ प्राकृतिक क्षेत्रों के संरक्षण और सुरक्षा में सहायता कर सकता है।

राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों को पर्यटन के कारण अधिक ध्यान और सुरक्षा मिल सकती है क्योंकि पर्यटन गतिविधियों के लिए आवश्यक हैं:

  • पर्यावरण प्रबंधन

  • नियमित निगरानी

  • पर्यावरणीय ऑडिट

  • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण

पर्यटन से प्राप्त आय प्राकृतिक क्षेत्रों के रखरखाव और संरक्षण में भी सहायता कर सकती है।

उदाहरण

किसी राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीव पर्यटन अधिकारियों को जंगलों और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।


नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव

वायु प्रदूषण और उत्सर्जन (Air Pollution and Emissions)

पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण निम्नलिखित परिवहन साधनों का अधिक उपयोग होता है:

  • हवाई परिवहन

  • सड़क परिवहन

  • रेल परिवहन

परिवहन गतिविधियों से उत्सर्जन (Emissions) होता है, जो निम्नलिखित में योगदान करता है:

  • वायु प्रदूषण

  • ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन

  • पर्यावरणीय क्षरण

हवाई यात्रा का कार्बन फुटप्रिंट विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।

उदाहरण

किसी पर्यटन स्थल पर हवाई यात्रा में बड़ी वृद्धि होने से ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन बढ़ सकता है।


5. पर्यटन के प्रभावों का सारांश

प्रकारसकारात्मक प्रभावनकारात्मक प्रभाव
सामाजिक-सांस्कृतिकसांस्कृतिक गौरव का पुनर्जागरण तथा कला एवं हस्तशिल्प का संरक्षणप्रदर्शन प्रभाव और सांस्कृतिक ह्रास
आर्थिकरोजगार सृजनमुद्रास्फीति और जीवन-यापन की बढ़ी हुई लागत
पर्यावरणीयप्राकृतिक क्षेत्रों का संरक्षणवायु प्रदूषण और उत्सर्जन

6. आसान फ्लो चार्ट

                 पर्यटन गतिविधियाँ
                         ↓
             पर्यटकों और स्थानीय लोगों
                  के बीच संपर्क
                         ↓
                  पर्यटन के प्रभाव
                         ↓
        ┌────────────────┼────────────────┐
        ↓                ↓                ↓
 सामाजिक-सांस्कृतिक    आर्थिक          पर्यावरणीय
        ↓                ↓                ↓
 सकारात्मक/नकारात्मक  सकारात्मक/नकारात्मक  सकारात्मक/नकारात्मक
        ↓                ↓                ↓
 सांस्कृतिक गौरव       रोजगार            संरक्षण
 प्रदर्शन प्रभाव       मुद्रास्फीति       वायु प्रदूषण

7. गतिविधि – पर्यटन के प्रभावों को समझना

गतिविधि 4

छात्रों को तीन या उससे अधिक समूहों में बाँटकर उनके:

  • शहर

  • पड़ोसी क्षेत्रों

में पर्यटन के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों की पहचान करने के लिए कहा जा सकता है।

प्रत्येक समूह पर्यटन के प्रभाव के एक पहलू का अध्ययन कर सकता है, जैसे:

  • सामाजिक-सांस्कृतिक

  • आर्थिक

  • पर्यावरणीय

समूहों को विस्तृत जानकारी एकत्र करके अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करने चाहिए।

उन्हें पर्यटन के नकारात्मक प्रभावों को कम या नियंत्रित करने के समाधान भी सुझाने चाहिए।


8. उचित पर्यटन योजना की आवश्यकता (Need for Proper Tourism Planning)

पर्यटन के विभिन्न प्रभावों को ध्यान में रखते हुए, पर्यटन गतिविधियों का विकास बिना उचित योजना के नहीं किया जाना चाहिए।

पर्यटन निम्नलिखित पर आधारित होना चाहिए:

  • उचित योजना (Proper Planning)

  • सतत विकास (Sustainable Development)

  • पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection)

  • समुदाय की भागीदारी (Community Participation)

  • स्थानीय लोगों से परामर्श (Consultation with Local People)

  • संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग (Responsible Use of Resources)

महत्वपूर्ण निष्कर्ष

पर्यटन की सभी स्तरों पर उचित योजना बनाई जानी चाहिए और स्थानीय समुदाय के परामर्श से इसका विकास किया जाना चाहिए, ताकि इसके सकारात्मक प्रभावों को अधिकतम किया जा सके और नकारात्मक प्रभावों को न्यूनतम किया जा सके।

अभ्यास – 4 (Exercise – 4)

Q1. उपलब्ध Tour Packages के प्रकार कौन-कौन से हैं?

उत्तर:

Tour Packages को पर्यटकों के प्रकार और Itinerary (यात्रा कार्यक्रम) के आधार पर अलग-अलग तरीकों से वर्गीकृत किया जा सकता है।

1. भाग लेने वाले पर्यटकों के आधार पर:

  • Group Inclusive Tour (GIT) – समूह समावेशी यात्रा:
    ऐसी यात्रा जिसमें पर्यटक एक समूह के रूप में साथ-साथ यात्रा करते हैं और सामान्यतः उनके लिए सामूहिक व्यवस्थाएँ (Common Arrangements) की जाती हैं।

  • Free Independent Travel (FIT) – स्वतंत्र यात्रा:
    ऐसी यात्रा जो किसी व्यक्ति या दंपत्ति (Individual or Couple) के लिए होती है और सामान्यतः उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं (Specific Requirements) के अनुसार व्यवस्थित की जाती है।

2. Itinerary (यात्रा कार्यक्रम) के आधार पर:

  • Ready-made Tour Package – तैयार Tour Package:
    ऐसा पैकेज जिसमें पहले से निर्धारित Itinerary, Price, Services और Duration होती है। ग्राहक इस पैकेज को उसी रूप में खरीदता है जिस रूप में इसे प्रस्तुत किया गया है।

  • Tailor-made/Customised Tour Package – आवश्यकतानुसार तैयार Tour Package:
    ऐसा पैकेज जो विशेष रूप से पर्यटक की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार या संशोधित (Designed or Modified) किया जाता है।


Q2. Tourism के Socio-cultural Impact से क्या तात्पर्य है?

उत्तर:

Socio-cultural Impact of Tourism (पर्यटन का सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव) से तात्पर्य उन परिवर्तनों से है जो पर्यटन के कारण स्थानीय समुदाय के समाज, संस्कृति, परंपराओं, रीति-रिवाजों, जीवन-शैली और व्यवहार में आते हैं। ये परिवर्तन पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच होने वाले आपसी संपर्क (Interaction) के कारण होते हैं।

ये प्रभाव सकारात्मक (Positive) या नकारात्मक (Negative) दोनों हो सकते हैं।

सकारात्मक प्रभाव (Positive Impact):

पर्यटन स्थानीय लोगों में सांस्कृतिक गौरव (Cultural Pride) की भावना उत्पन्न कर सकता है। स्थानीय परंपराओं, विरासत, कला और हस्तशिल्प में पर्यटकों की रुचि समुदायों को अपनी संस्कृति और पारंपरिक प्रथाओं को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।

नकारात्मक प्रभाव (Negative Impact):

Demonstration Effect (प्रदर्शन प्रभाव) तब हो सकता है जब स्थानीय लोग पर्यटकों की वेशभूषा, खान-पान की आदतों, भाषा और व्यवहार की नकल करना शुरू कर देते हैं। अत्यधिक नकल करने से सांस्कृतिक ह्रास (Cultural Degradation) हो सकता है और स्थानीय रीति-रिवाज कमजोर पड़ सकते हैं। 

Comments

Popular posts from this blog

XI UNIT-1 INTRODUCTION TO TOURISM (English)

Unit - 1: Introduction to Tourism-I IXth (HINDI)

Unit - 2: Tourism Business - I IX (HINDI)